Lebanon Attack: इसराइल के हवाई हमले में दो दिन पहले हुई दुल्हन की मौत, मची तबाही.

दक्षिण लेबनान में इसराइल की तरफ से किए गए भीषण हवाई हमले में एक ऐसी महिला की मौत हो गई जिसकी शादी महज दो दिन पहले ही हुई थी। इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में मातम पसर गया है और आम लोगों के बीच डर का माहौल बन गया है। 27 अगस्त 2026 को लेबनान के नबातियेह जिले के अरब सलीम शहर में इसराइली सेना ने कई जगहों पर ताबड़तोड़ बमबारी की जिसमें कई बेकसूर नागरिक बुरी तरह घायल हो गए। इस हमले ने एक बार फिर से इस इलाके में चल रहे तनाव को और ज्यादा बढ़ा दिया है।
सजा शारा की मौत और परिवारों पर आफत
इस हमले में जान गंवाने वाली महिला का नाम सजा शारा था। सजा शारा की शादी इस घटना से ठीक दो दिन पहले ही हुई थी और उनके घर में खुशियों का माहौल था जो पल भर में मातम में बदल गया। अरब सलीम शहर पर हुए इस खतरनाक हमले में युद्धक विमानों के साथ-साथ कम से कम एक ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया था। इस एयरस्ट्राइक ने रिहायशी इलाकों को पूरी तरह निशाना बनाया जिससे कई घर जमींदोज हो गए। अरब सलीम के मेयर अली हसन ने इस बात की पुष्टि की है कि इस हमले में कई रिहायशी मकान पूरी तरह तबाह हो गए हैं। घायलों में एक मां, उसकी बेटी और एक छोटा बच्चा भी शामिल है जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
इसराइल का पक्ष और हिजबुल्लाह की कार्रवाई
दूसरी तरफ इसराइली सेना ने बयान जारी कर कहा कि उनका यह ऑपरेशन हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाने के लिए था। सेना के मुताबिक यह कार्रवाई बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को हिजबुल्लाह द्वारा अली अल-ताहर रिज पर तैनात इसराइली सैनिकों की तरफ दो विस्फोटक ड्रोन दागे जाने के जवाब में की गई थी। इसराइली सेना की तरफ से यह जानकारी दी गई कि हिजबुल्लाह के इस ड्रोन हमले में किसी भी इसराइली सैनिक को चोट नहीं आई थी। अरब सलीम के अलावा इसराइली सेना ने नबातियेह अल-फावका, अल-mansouri और अली अल-ताहर की पहाड़ियों पर भी लगातार हवाई हमले किए। इसके साथ ही दक्षिण लेबनान में भारी गोलाबारी और सैन्य घुसपैठ की कार्रवाई भी जारी रही।
क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक प्रयास
इसराइल के चीफ ऑफ स्टाफ इयाल ज़मीर ने कहा कि सेना कई मोर्चों पर तनाव के खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट पर है। उन्होंने विशेष रूप से ईरान, लेबनान और गाजा से जुड़े हालातों पर गहरी चिंता जताई। ये सभी सैन्य संघर्ष और हमले ऐसे समय में हो रहे हैं जब इस साल जून में अमेरिका के समर्थन से एक फ्रेमवर्क समझौता प्रस्तावित किया गया था। इस समझौते के तहत इसराइली सेना को पीछे हटना था और लेबनीज आर्मी की तैनाती होनी थी, जिसे हिजबुल्लाह ने लगातार खारिज कर दिया है। कूटनीतिक स्तर पर शांति स्थापित करने के सारे प्रयास फिलहाल रुके हुए हैं क्योंकि 6 अगस्त को हुई अमेरिकी मध्यस्थता वाली बातचीत बेनतीजा रही थी। अब इस मामले पर अगली बैठक की नई तारीख सितंबर के शुरुआती दिनों में रोम में तय की गई है जिससे आगे के हालातों पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।