Lebanon Attack: दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में दो महिलाओं की मौत, छह लोग हुए घायल

लेबनान के दक्षिणी शहर अरब सलीम में रविवार, 6 सितंबर 2026 को इजरायली हवाई हमलों के दौरान दो लोगों की मौत की पुष्टि की गई। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से उस क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है जहाँ आम लोग पहले से ही बहुत सी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। लेबनान के सिविल डिफेंस अधिकारियों ने अल जजीरा को इन मौतों की आधिकारिक पुष्टि दी है, जबकि लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी यानी NNA ने यह जानकारी दी कि मारे गए दोनों लोग महिलाएं थीं और इस हमले में छह अन्य लोग घायल भी हो गए। इजरायली लड़ाकू विमानों ने एक रिहायशी मकान को पूरी तरह से निशाना बनाया जिससे वह पूरी तरह तबाह हो गया। NNA ने आगे बताया कि इजरायली युद्धक विमानों ने अरब सलीम में एक अन्य घर को भी नष्ट कर दिया और सुबह 5 बजे से दक्षिणी लेबनान के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कई हमलों को अंजाम दिया।
सीजफायर के उल्लंघन का आरोप और इजरायली सेना की चेतावनी
यह पूरा तनाव तब और बढ़ गया जब इजरायली सैन्य बल यानी IDF ने हिजबुल्लाह पर एक गंभीर आरोप लगाया। IDF का कहना था कि हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में एक तय सुरक्षा क्षेत्र के भीतर काम कर रहे इजरायली सैनिकों पर दो विस्फोटक ड्रोन दागे थे। इजरायली सेना ने बताया कि उनमें से एक ड्रोन को सफलतापूर्वक हवा में ही रोक लिया गया, जिसके कारण किसी भी इजरायली सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और कोई हताहत नहीं हुआ। इस ड्रोन हमले को इजराइल ने संघर्ष विराम समझौते का खुला उल्लंघन बताया। इसके बाद IDF की अरबी भाषा की प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एला वावेया ने अरब सलीम के निवासियों के लिए एक सख्त और तत्काल चेतावनी जारी की। उन्होंने लोगों को एक ऐसे भवन को तुरंत खाली करने का निर्देश दिया जिसकी पहचान हिजबुल्लाह की सुविधा के रूप में की गई थी। साथ ही यह भी कहा गया कि लोग उस जगह से कम से कम 300 मीटर की दूरी बनाकर रखें। मध्य जून के बाद से इजरायली सेना द्वारा इस तरह की यह पहली निकासी चेतावनी जारी की गई थी, जिससे स्थानीय लोगों में काफी डर का माहौल बन गया।
क्षेत्रीय समझौते और लेबनान में अब तक का भारी नुकसान
ये सभी ताजा हमले और सैन्य गतिविधियां तब हो रही हैं जब इस साल जून में इजराइल और लेबनान के बीच एक रूपरेखा समझौता हुआ था और तनाव को कम करने के उद्देश्य से संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बावजूद जमीन पर हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। लेबनान सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च से शुरू हुए इस निरंतर संघर्ष के कारण पूरे लेबनान में अब तक कुल 4,358 लोगों की जान जा चुकी है, 12,359 लोग घायल हुए हैं और 10 लाख से अधिक लोग अपने घरों को छोड़कर अन्य सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर हो चुके हैं। इस संघर्ष के कारण आम नागरिकों का जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों को हर दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।