रामल्लाह के पास इसरायली सेना ने गिराई फिलिस्तीनी इमारतें, लगातार बढ़ रहा है विस्थापन का संकट.

Praggya Singh sabal31 August 20262 min read37 viewsWorld
रामल्लाह के पास इसरायली सेना ने गिराई फिलिस्तीनी इमारतें, लगातार बढ़ रहा है विस्थापन का संकट.

रामल्लाह के पास स्थित बिरzeit के अल-साकी इलाके में 31 अगस्त 2026 को इसरायली सेना ने बुलडोजर चलाकर फिलिस्तीनी इमारतों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, जिसे Al Jazeera English ने प्रकाशित किया है। इसरायली प्रशासन का हमेशा से यह तर्क रहता है कि इन इमारतों के पास जरूरी निर्माण अनुमति या नक्शा पास नहीं था। हालांकि फिलिस्तीनी अधिकारियों का साफ कहना है कि इस तरह के परमिट हासिल करना उनके लिए लगभग असंभव बना दिया गया है, जबकि दूसरी तरफ इसरायली बस्तियों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

वेस्ट बैंक में लगातार बढ़ रही हैं तोड़क कार्रवाई और विस्थापन की घटनाएं

यह ताजा विध्वंस इस क्षेत्र में हाल ही में हुई कई सख्त कार्रवाई के बाद सामने आया है। इससे पहले 27 अगस्त 2026 को इसरायली अधिकारियों ने काफ्र निमा गांव में एक हिरासत में बंद व्यक्ति के परिवार के रिहायशी अपार्टमेंट को गिराने और सीज करने का आदेश जारी किया था। उसी दिन दुरा अल-कारा में एक कार-पेंटिंग वर्कशॉप को भी बुलडोजर से ढाह दिया गया, जिसके कारण चार बच्चों समेत कुल नौ लोगों का पूरा परिवार रातों-रात बेघर हो गया और उन्हें मजबूरन दूसरी जगह शरण लेनी पड़ी।

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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने

मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय यानी OCHA की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल इस तरह की तोड़क कार्रवाइयों की रफ्तार बहुत ज्यादा बढ़ गई है। आंकड़े बताते हैं कि जनवरी से लेकर अगस्त 2026 के बीच कुल 870 इमारतों और ढांचों को जमींदोज किया जा चुका है। यह रफ्तार पिछले 15 सालों के मासिक औसत से कम से कम दोगुनी है। इस गंभीर मानवीय संकट पर चिंता जताते हुए मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के उप विशेष समन्वयक रामइज अलाखबारोव ने 11 अगस्त 2026 को बयान दिया था कि वेस्ट बैंक इस समय पूरी तरह से एक बड़े 'ब्रेकिंग पॉइंट' यानी नाजुक मोड़ पर पहुंच चुका है।

बस्ती हिंसा और बेदखली के कारण हजारों लोग हुए प्रभावित

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, केवल साल 2026 में ही बस्ती हिंसा, जबरन बेदखली और लगातार चल रहे विध्वंस अभियानों की वजह से लगभग 3,800 फिलिस्तीनी अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। इस भयावह विस्थापन का शिकार होने वालों में करीब 1,900 बच्चे भी शामिल हैं, जिनका बचपन इन हालातों की भेंट चढ़ रहा है। इस पूरी मानवीय स्थिति की विस्तृत जानकारी आप ReliefWeb Report पर जाकर देख सकते हैं, जहां OCHA द्वारा समय-समय पर जमीनी हालात के आंकड़े साझा किए जाते हैं।

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