West Bank में इसराइली सेना का छापा, सेटनर्स के हंगामे के बाद फिलिस्तीनी नागरिक हिरासत में.

Nura Basta4 September 20262 min read27 viewsWorld
West Bank में इसराइली सेना का छापा, सेटनर्स के हंगामे के बाद फिलिस्तीनी नागरिक हिरासत में.

हब्ब्रोन के दक्षिण में स्थित मासाफेर याट्टा क्षेत्र के सुस्या गांव में इसराइली सैन्य बलों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को हुए इस सैन्य छापे के दौरान इसराइली सैनिकों ने एक फिलिस्तीनी व्यक्ति को हिरासत में ले लिया, जिनकी पहचान खलील अहमद अल-हरिनी के रूप में हुई है। इस घटना ने एक बार फिर से वेस्ट बैंक के हालात को तनावपूर्ण बना दिया है और स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

सेटलर्स की घुसपैठ और कृषि भूमि को नुकसान

मीडिया एक्टिविस्ट ओसामा मखामेह के अनुसार, यह पूरी घटना इसराइली सेटलर्स द्वारा इलाके में की गई घुसपैठ के तुरंत बाद सामने आई। सेटलर्स ने जबरन फिलिस्तीनी लोगों की जमीनों और रिहायशी इलाकों में अपने मवेशियों को छोड़ दिया था। इन मवेशियों की वजह से मासाफेर याट्टा के कई गांवों में भारी कृषि नुकसान हुआ है। इस घटना का असर मुख्य रूप से सुस्या और खिरबेट अल-मरकज के गांवों पर पड़ा है, जिससे वहां के किसानों की आजीविका पर संकट आ गया है।

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शुरुआती रिपोर्टों में इस पूरी घटना के खिरबेट उम्मे अल-खैर में होने की बात सामने आई थी। हालांकि, बाद की जांच-पड़ताल और जमीनी रिपोर्टों से यह साफ हुआ कि सेटलर्स की यह गतिविधियां मासाफेर याट्टा के एक बड़े इलाके में फैली हुई थीं। स्थानीय लोग इन हरकतों से काफी परेशान हैं क्योंकि उनकी उपजाऊ जमीन और फसलें बर्बाद हो रही हैं और विरोध करने पर सुरक्षा बल उनके ही लोगों को हिरासत में ले रहे हैं।

वेस्ट बैंक में बढ़ती सैन्य कार्रवाई

खलील अहमद अल-हरिनी की यह गिरफ्तारी वेस्ट बैंक में चल रही सैन्य कार्यवाहियों और छापों के सिलसिले का ही एक हिस्सा है। इसी दिन इसराइली मीडिया आउटलेट्स ने पूरे क्षेत्र में कब्जा करने वाली सेना द्वारा कई बस्तियों में घुसपैठ, नियमों के उल्लंघन और लोगों को उठाए जाने की घटनाओं की रिपोर्ट दी थी। इन तमाम ताजा हालातों और अपडेट्स को सबसे पहले Al Jazeera English द्वारा 4 सितंबर 2026 को दुनिया के सामने प्रसारित किया गया था।

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