वेस्ट बैंक में इसराइली सेना का बड़ा विध्वंस, घरों और जमीनों पर बुलडोजर चलाकर मचाई तबाही.

पश्चिमी एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इसराइली सेना ने वेस्ट बैंक के अलग-अलग इलाकों में बड़े पैमाने पर विध्वंस की कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के तहत कई घरों और जमीनों को बुलडोजर से जमींदोज़ कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। इस पूरी घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है और बस्तियों के विस्तार को लेकर राजनीति गरमा गई है। आम जनता और स्थानीय नागरिकों के लिए यह स्थिति बेहद मुश्किल होती जा रही है क्योंकि उनके आशियाने और रोजगार के साधन लगातार छीने जा रहे हैं।
वेस्ट बैंक में हुई ताबड़तोड़ तोड़फोड़ की कार्रवाई
दिनांक 30 अगस्त 2026 को इसराइली सेना ने occupied West Bank में अपनी विध्वंस गतिविधियों को बहुत ज्यादा तेज कर दिया। सलफिर प्रांत के Deir Ballut इलाके में मेयर Jihad al-Qasim ने इस बात की पुष्टि की कि सैन्य बलों ने तीन बड़े बुलडोजर का इस्तेमाल किया और Abu al-Rayat क्षेत्र में फिलिस्तीनियों की दर्जनों दोनों जमीन को पूरी तरह समतल कर दिया। उसी दिन रामल्लाह के Shuqba गांव में दो घरों को जमींदोज़ कर दिया गया, जो Wael Salameh Qadah और Abdul Qader Shalash के थे। इन घरों का कुल क्षेत्रफल लगभग 330 वर्ग मीटर था और तोड़फोड़ के दौरान सैनिकों ने वहां मौजूद स्थानीय नागरिकों पर स्टन ग्रेनेड भी फेंके। इसके अलावा Qalqilya के Jit गांव में भी एक घर को तोड़ा गया और तुलकराम कैंप के एक विस्थापित निवासी को श्वेइका में उसकी संपत्ति के लिए तोड़फोड़ का नोटिस थमाया गया।
जुलाई महीने के आंकड़े और पिछले दिनों की कार्रवाई
इस तरह की घटनाएं पिछले कुछ दिनों से लगातार सामने आ रही हैं। इससे पहले इसराइली सिविल प्रशासन के अभियानों के तहत 27 अगस्त 2026 को Dura al Qar'a के Area C में एक कार-पेंटिंग वर्कशॉप को तोड़ दिया गया था, जिससे चार बच्चों समेत नौ लोगों का एक पूरा परिवार बेघर हो गया और सारी मशीनरी नष्ट हो गई। इसके अलावा 25 अगस्त 2026 को Jericho के Al Jiftlik–Abu al 'Ajaj इलाके में दो पशु आश्रयों को बिना किसी पूर्व सूचना के गिरा दिया गया, जिससे दो लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए। जुलाई 2026 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिन्हें 30 अगस्त को जारी किया गया, इसराइली अधिकारियों ने कुल 33 सैन्य आदेश जारी किए थे, जिनमें 31 भूमि जब्ती शामिल थीं और इससे कुल 830.917 dunams जमीन प्रभावित हुई। उस महीने कुल 80 बार तोड़फोड़ की गई जिससे 165 संरचनाएं प्रभावित हुईं। इनमें 80 रहने योग्य घर, 8 खाली घर, 63 कृषि सुविधाएं और 11 आजीविका संरचनाएं शामिल थीं, जबकि इसी दौरान 34 नए नोटिस भी थमाए गए।
राजनीतिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
जमीनी स्तर पर हो रही इन कार्रवाइयों के बीच राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। दिनांक 29 अगस्त 2026 को अमरीकी सीनेट के 29 डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को एक पत्र लिखकर मांग की कि वे E1 क्षेत्र में 1,234 हाउसिंग यूनिट्स की परियोजना को तुरंत रद्द कर दें। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के विस्तार से भविष्य में एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य के गठन की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाएगी। हाल ही में अमरीकी राजदूत Mike Huckabee ने Qusra में हुई एक हिंसक घटना को आतंकवादियों का कृत्य करार दिया था। वहीं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी 29 अगस्त को बस्तियों के कुछ लोगों द्वारा किए गए आपराधिक कृत्यों की कड़ी निंदा की और उन्हें आम कानून का पालन करने वाले नागरिकों से अलग बताया। फिलिस्तीनी नागरिकों का कहना है कि उनके घरों को मुख्य रूप से इस आधार पर तोड़ा जाता है कि उनके पास इसराइल से जारी किया गया बिल्डिंग परमिट नहीं है, जबकि Area C में रहने वाले फिलिस्तीनियों के लिए ऐसे परमिट हासिल करना लगभग नामुमकिन बना दिया गया है।