Damascus में इसराइल की एयर स्ट्राइक, लगातार दूसरी रात दागे गए दो आर्टिलरी शेल

दमिश्क के पश्चिमी उपनगर में इसराइली सेना ने दो आर्टिलरी शेल दागे हैं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। यह घटना 28 अगस्त 2026 की है जब इसराइली सेना ने इसराइल सीमा से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित बेइत जिन्न शहर के पास एक पहाड़ी पर गोले बरसाए। हैरानी की बात यह है कि लगातार दूसरी रात इस इलाके को निशाना बनाया गया है, क्योंकि इससे ठीक एक रात पहले यानी 27 अगस्त को भी इसी जगह पर तीन गोले दागे गए थे। इस गोलाबारी में किसी के हताहत होने या नुकसान की तत्काल कोई आधिकारिक खबर सामने नहीं आई है और इसराइली अधिकारियों की तरफ से भी इस हमले पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठा मामला
इस सैन्य गतिविधि से ठीक पहले 27 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक सत्र आयोजित किया गया था, जिसमें कई देशों के प्रतिनिधियों ने इस बढ़ते तनाव पर चिंता जताई। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र में सीरिया के स्थायी प्रतिनिधि इब्राहिम ओलाबी ने इसराइल पर अंतरराष्ट्रीय कानून के खुले उल्लंघन का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इस तरह की सैन्य कार्रवाइयां क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा पैदा करती हैं और साल 1974 के फोर्सेज डिसएंगेजमेंट समझौते को कमजोर करती हैं। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र में अरब समूह ने भी इन हमलों को सीरिया की संप्रभुता के खिलाफ एक आक्रामक कदम करार दिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं
सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के उप विशेष दूत क्लाउडियो कॉर्डोन ने सीरियाई क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सैन्य मौजूदगी पर गहरी चिंता व्यक्त की। वहीं अमेरिका की उप प्रतिनिधि टैमी ब्रूस ने तुरंत तनाव कम करने यानी डी-एस्केलेशन की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका इस मामले में कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा, लेकिन साथ ही उन्होंने अपनी सीमा के पास सक्रिय समूहों के खिलाफ इसराइल के आत्मरक्षा के अधिकार का भी समर्थन किया। इन सभी घटनाओं से पहले 22 अगस्त 2026 को सीरियाई विदेश मंत्रालय ने बेइत जिन्न के पास एक नागरिक वाहन पर हुए इसराइली ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की थी और कहा था कि इन सभीACTIONS के लिए इसराइल पूरी तरह से जिम्मेदार है।