East Jerusalem: इसराइल ने किया संयुक्त राष्ट्र के Qalandiya ट्रेनिंग सेंटर पर कब्ज़ा, पांच फिलिस्तानी घायल.

Sushma Kumari26 August 20262 min read62 viewsWorld
East Jerusalem: इसराइल ने किया संयुक्त राष्ट्र के Qalandiya ट्रेनिंग सेंटर पर कब्ज़ा, पांच फिलिस्तानी घायल.

इसराइली सेना ने 26 अगस्त 2026 को कब्जा किए गए पूर्वी येरुशलम के काफर अकाब इलाके में स्थित संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) के कलंदिया वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर पर छापा मारकर उसे अपने कब्जे में ले लिया। इस सैन्य अभियान के दौरान यूएनआरडब्ल्यूए के कर्मचारियों को वहां से जबरन बाहर निकाल दिया गया और गवर्नर कार्यालय के मुताबिक इस दौरान इसराइली गोलीबारी में पांच फिलिस्तानी नागरिक घायल हो गए। बुधवार तक इसराइली सेना ने उस परिसर में अपनी मौजूदगी को पूरी तरह मजबूत कर लिया और येरुशलम नगर पालिका के तकनीकी कर्मचारियों ने उस जगह को एक म्युनिसिपल एजुकेशनल कॉम्प्लेक्स में बदलने के लिए मरम्मत और जीर्णोद्धार का काम शुरू कर दिया।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मंत्री इतामार बेन ग्वार का बयान

इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बात की पुष्टि की कि यह पूरा कब्जा उनके ही आदेशों के तहत किया गया है। इसके अलावा नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर इतामार बेन ग्वार, जो खुद वहां सेना का नेतृत्व कर रहे थे, उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में यूएनआरडब्ल्यूए के लिए कोई जगह नहीं है और न ही उनका कोई प्रबंधन यहां रहेगा। मंत्री बेन ग्वार ने आगे यह भी आरोप लगाया कि इस संस्थान का इस्तेमाल आतंकवाद को छिपाने के लिए एक कवर के रूप में किया जा रहा था। वहीं दूसरी ओर इसराइली विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि यह जमीन यूएनआरडब्ल्यूए की नहीं बल्कि ज्यूइश नेशनल फंड की है।

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संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र ने इस अनधिकृत और बेहद चिंताजनक घुसपैठ की कड़ी निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यूएन परिसरों की पवित्रता पर जोर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टेफन दुजारिक ने बताया कि मई 2026 के बाद से इसराइली अधिकारियों द्वारा इस तरह का यह पांचवां अनधिकृत प्रवेश था। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस और ब्रिटेन के मिडिल ईस्ट मंत्री स्टीफन डौल्टी ने इस छापे की तीखे शब्दों में आलोचना की है। फिलिस्तानी प्रेसिडेंसी और विभिन्न राजनीतिक गुटों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की है।

शरणार्थियों के अधिकारों और बस्तियों को लेकर चिंताएं

विश्लेषकों का मानना है कि यह छापा फिलिस्तानी शरणार्थियों के अधिकारों को खत्म करने, 9,000 नई सेटलमेंट यूनिट्स के निर्माण को बढ़ावा देने और कब्जा किए गए वेस्ट बैंक के विलय की प्रक्रिया को तेज करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। यह घटना इसराइल द्वारा 2024 में यूएनआरडब्ल्यूए के कामकाज पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद सामने आई है जिसे 2025 से लागू किया गया था। यह कार्रवाई रक्षा मंत्री काट्ज़ के उस निर्देश के साथ हो रही है जिसमें वेस्ट बैंक बस्तियों में नागरिक कानून प्रवर्तन को सेना से हटाकर इसराइली पुलिस को सौंपने की बात कही गई है। जानकारों के अनुसार यह कदम अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के उन फैसलों का उल्लंघन है जो कब्जा किए गए क्षेत्रों में घरेलू कानून के अवैध विस्तार को रोकते हैं।

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