इजरायली सेना का दक्षिण सीरिया में हमला, अल-रफिद इलाके पर की भारी गोलाबारी और सैन्य कार्रवाई.

दक्षिण सीरिया के कुनेत्रा इलाके में हालात एक बार फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं क्योंकि इजरायली सेना ने सैन्य घुसपैठ और हमलों को तेज कर दिया है। सीरियाई राज्य मीडिया के मुताबिक, इजरायली बलों ने 5 सितंबर 2026 को कुनेत्रा के ग्रामीण इलाकों में अल-रफिद के बाहरी इलाकों को निशाना बनाकर भारी तोपखाने से गोलाबारी की। इस सैन्य कार्रवाई से स्थानीय लोगों में काफी डर का माहौल है और लगातार बढ़ रही हिंसा ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।
सीरियाई गांवों में लगातार सैन्य छापे और गश्त
यह हालिया हमला सीरिया के कई इलाकों में चल रही सैन्य गतिविधियों का ही एक हिस्सा है। रिपोर्ट के अनुसार, अल-अस्बाह गांव में एक जमीनी घुसपैठ की गई थी जिसमें घरों पर छापे मारे गए और अंधाधुंध गोलीबारी की गई। खुफिया रिपोर्ट बताती है कि 21 दिनों के भीतर यह 42वां ऐसा हमला है जो इस क्षेत्र में दर्ज किया गया है। इजरायली सैनिक लगातार दक्षिणी कुनेत्रा क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं और अदनानियह क्षेत्र से आगे बढ़कर रुवैहिना तथा अल-मुशायरीफा के बीच सैन्य चौकियां स्थापित कर रहे हैं। इसके अलावा, सैदा अल-हनौत इलाके में पांच सैन्य वाहनों को भी तैनात किया गया है।
इससे पहले 4 सितंबर को भी इजरायली बलों ने ओफानिया में तलाशी अभियान चलाया था और दमिश्क के ग्रामीण इलाके में बट अल वर्दा पहाड़ी के पास मोर्टार के गोले दागे थे। इस बारे में इजरायली रक्षा मंत्री Israel Katz ने बयान दिया था कि यह कार्रवाई दक्षिणी सीरियाई क्षेत्र को विसैन्यीकृत करने की उनकी नई नीति का हिस्सा है। दिसंबर 2024 में बशर अल-असद शासन के पतन के बाद से ही इजरायल ने 1974 के डिसएंगेजमेंट समझौते को औपचारिक रूप से रद्द घोषित कर दिया है।
सीरियाई सरकार का तीखा विरोध और अंतरराष्ट्रीय अपील
इस लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई पर सीरियाई सरकार की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। सीरिया के विदेश मंत्री Asaad al-Shaibani और राष्ट्रपति Ahmad al-Sharaa ने इन ऑपरेशनों को सीरिया की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। सीरियाई सरकार ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत हस्तक्षेप करने की औपचारिक अपील की है। जॉर्डन में सीरियाई और इजरायली प्रतिनिधिमंडलों के बीच अमेरिकी मध्यस्थता से सुलह की बातचीत भी चल रही है, लेकिन इसके बावजूद जमीन पर तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के निशस्त्रीकरण कार्यालय ने 3 सितंबर को रिपोर्ट दी थी कि सीरिया ने रासायनिक हथियार सामग्री को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र ने यह भी चेतावनी दी है कि दिसंबर 2024 से लेकर अब तक विस्फोटक हथियारों के प्रदूषण के कारण 2,500 से अधिक नागरिकों की जान जा चुकी है। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी QNA News के माध्यम से साझा की गई है।