लेबनान में इसराइली सेना का बड़ा हवाई हमला, डिअर अल-जहरामी में इमारत को बनाया निशाना.

दक्षिण लेबनान में इसराइली सेना ने सोमवार, 7 सितंबर 2026 को एक बड़ा हवाई हमला किया। यह हमला नबातिएह जिले के डिअर अल-जहरामी गांव में स्थित एक इमारत पर किया गया। इस हमले से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया है।
खाली करने के आदेश के तुरंत बाद गिराया बम
यह हमला इसराइली सेना द्वारा उस जगह को खाली करने का नोटिस जारी करने के ठीक कुछ ही मिनटों बाद हुआ। इसराइली सेना की अरबी भाषा की प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एला वावेया ने एक्स (X) पर सुबह-सुबह यह चेतावनी जारी की थी। उन्होंने एक खास इमारत और उसके आसपास के लोगों को तुरंत वहां से जाने का आदेश दिया था। सेना का कहना था कि इसके पास हिजबुल्लाह से जुड़ी एक जगह मौजूद है। इसराइली रक्षा बलों (IDF) ने बताया कि यह कदम हिजबुल्लाह द्वारा युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का जवाब देने के लिए उठाया गया, क्योंकि उन्होंने इसराइली सैनिकों पर एक विस्फोटक ड्रोन से हमला किया था। इस घटना की सबसे पहले जानकारी अल जजीरा इंग्लिश द्वारा दी गई थी।
हिंसा में लगातार हो रहा है इजाफा
यह घटना लेबनान और इसराइल के बीच चल रहे तनाव के और ज्यादा बढ़ने को दिखाती है। इससे पहले रविवार, 6 सितंबर को लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया था कि दक्षिण लेबनान में इसराइली हवाई हमलों की वजह से कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई थी और 20 लोग घायल हुए थे। इन हमलों में नबातिएह के पास का कफर रुम्मन इलाका भी प्रभावित हुआ था।
जून के समझौते पर मंडराया खतरा
हैरानी की बात यह है कि हिंसा का यह दौर ऐसे समय में तेज हुआ है जब इसराइल और लेबनान के बीच 26 जून को अमेरिका की मदद से एक समझौता हुआ था। उस समझौते के तहत लेबनान की सेना को तैनात किया जाना था और बदले में इसराइली सैनिकों को धीरे-धीरे लेबनान की जमीन से वापस जाना था। लेकिन अब इसराइली अधिकारियों का कहना है कि हिزابुल्लाह की हालिया गतिविधियों ने इस युद्धविराम समझौते को तोड़ दिया है, जिसकी वजह से हालात फिर से खराब हो गए हैं।