दक्षिणी लेबनान में इसराइली सेना का हमला तेज, संघर्षविराम समझौते के बावजूद हालात हुए खराब.

लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इसराइली सेना की सैन्य गतिविधियों में एक बार फिर से भारी तेजी देखने को मिल रही है, जिससे वहां के आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। अमेरिका की तरफ से जून महीने में एक संघर्षविराम समझौता कराया गया था, जिसका मकसद दोनों पक्षों के बीच शांति स्थापित करना और लेबनान में सैन्य स्थिति को सामान्य करना था। इस समझौते के तहत लेबनान की सेना की तैनाती और हथियारों को हटाने की बात कही गई थी, लेकिन मैदानी हालात इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रहे हैं और लगातार बमबारी की खबरें सामने आ रही हैं।
लेबनान में सैन्य कार्रवाई और इसराइली बलों की तैनाती
लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) से मिली जानकारी के मुताबिक, इसराइली सेना दक्षिणी लेबनान के अंदरूनी इलाकों में लगातार आगे बढ़ रही है और बड़े पैमाने पर गोलाबारी जारी है। हाल ही में हुई सैन्य गतिविधियों के दौरान हलता गांव में घरों को चारों तरफ से घेर लिया गया है। इसके अलावा, अल-मनसूरी इलाके में मर्कवा टैंक और डी-9 बुलडोजर को तैनात किया गया है, जहां सैन्य वाहनों के जरिए विस्फोटक कंटेनर ले जाए जाने की बात भी सामने आई है। इस गोलाबारी की वजह से आम नागरिकों की जिंदगी पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई है और लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
नदी और रिहायशी इलाकों पर लगातार हमले
इसराइली सेना की तरफ से लिटानी नदी के आसपास के इलाकों को भी भारी तोपखाने से निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही, एक इसराइली ड्रोन ने अल-अज्जियेह और अल-मनसूरी के रास्ते पर दो साउंड बम गिराए, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। हदाथा, वादी बराचित, कफर तिबनित और जवतार अल-शार्किया जैसे कई गांवों में भी जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। इन लगातार हमलों की वजह से पूरे दक्षिणी लेबनान में डर का माहौल बना हुआ है और लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हैं।
इसराइली सेना और लेबनान सरकार का पक्ष
इसराइली सेना का कहना है कि उनकी यह कार्रवाई हिजबुल्लाह की तरफ से अली अल-ताहेर रिज के पास इसराइली सैनिकों पर दो विस्फोटक ड्रोन दागे जाने के जवाब में की गई है। इससे पहले 2 सितंबर 2026 को नबातिएह में हुए एक हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इन सबके बीच, लेबनान की सेना ने 2 सितंबर को एक आधिकारिक बयान जारी किया था जिसमें हिजबुल्लाह को बेअसर करने के उनके मिशन को लेकर फैलाई जा रही खबरों को पूरी तरह खारिज किया गया था। सेना ने देश की संप्रभुता के प्रति अपनी पूरी प्रतिबद्धता दोहराई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की कड़ी चेतावनी और नागरिक नुकसान
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बचाव दलों और मेडिकल टीमों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का साफ उल्लंघन बताया है। इस हिंसा के दौरान अल-रिसाला स्काउट्स की एक एम्बुलेंस समेत कई नागरिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। जून महीने में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बावजूद, इसराइली सेना दक्षिणी लेबनान के नबातिएह अल-फावका, अरब सलीम और टायर जिले के कई इलाकों में लगातार गोलाबारी कर रही है और नागरिक इमारतों को गिराने का काम कर रही है। इस पूरी स्थिति पर अधिक जानकारी के लिए आप Al Jazeera की रिपोर्ट देख सकते हैं।