गाजा पट्टी से फिलिस्तीनियों को बाहर निकालने का इसराइली मंत्री ने बनाया प्लान, अमेरिका की मंजूरी का इंतजार.

Sushma Kumari4 September 20263 min read21 viewsWorld
गाजा पट्टी से फिलिस्तीनियों को बाहर निकालने का इसराइली मंत्री ने बनाया प्लान, अमेरिका की मंजूरी का इंतजार.

इसराइली नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir ने गाजा पट्टी से फिलिस्तीनियों को पूरी तरह हटाने के लिए एक बड़ा प्रस्ताव पेश किया है। इस नए प्रस्ताव का नाम 'Disengagement 710' रखा गया है, जिसके तहत गाजा के लोगों को वहां से बाहर भेजने का काम चरणों में पूरा किया जाएगा। इस योजना के सामने आने के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है और हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है। मंत्री ने साफ कहा है कि इस योजना को लागू करने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयारी कर रही है और इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रस्ताव की मुख्य बातें और समय सीमा

इस योजना के अनुसार इस्राइल सरकार पहले साल में कुल 250,000 नागरिकों को गाजा पट्टी से दूसरी जगह पर भेजना चाहती है। इसके बाद अगले सात सालों के अंदर गाजा के बाकी बचे हुए करीब 1.86 million यानी 18 लाख 60 हजार लोगों को भी वहां से पूरी तरह हटाने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री Itamar Ben-Gvir जो कि Jewish Power पार्टी के प्रमुख हैं, उन्होंने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक अलग सरकारी मंत्रालय बनाने का सुझाव भी दिया है। यह नया मंत्रालय लोगों के आने-जाने के दस्तावेज, वीजा, परिवहन और देश छोड़ने वाले लोगों को मिलने वाली आर्थिक मदद का पूरा हिसाब-किताब संभालेगा।

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अमेरिका की मंजूरी और रक्षा मंत्री का बयान

इस मामले पर बात करते हुए इस्राइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने बताया कि देश समुद्र और हवा के रास्ते इन लोगों को बाहर निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि यह प्लान अभी पूरी तरह से 'frozen' यानी रुका हुआ है क्योंकि इसके लिए अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की मंजूरी मिलना बहुत जरूरी है। मंत्री Katz का कहना है कि जब तक वाशिंगटन यानी अमेरिका का समर्थन नहीं मिलता, तब तक दूसरे देश गाजा के इन बेघर हुए लोगों को अपने यहां शरण देने के लिए तैयार नहीं होंगे। आपको याद दिला दें कि फरवरी 2025 में राष्ट्रपति Donald Trump ने भी गाजा के लोगों को दूसरी जगह बसाने का सुझाव दिया था, जिसके बाद इस्राइल ने कुछ समय के लिए स्वेच्छा से देश छोड़ने वालों के लिए एक दफ्तर भी बनाया था। लेकिन दूसरे देशों से समर्थन न मिलने और भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते उस योजना को बीच में ही बंद करना पड़ा था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहा है कड़ा विरोध

भले ही मंत्री Itamar Ben-Gvir यह दावा कर रहे हैं कि यह पूरा कार्यक्रम लोगों की मर्जी से यानी स्वैच्छिक होगा, लेकिन दुनिया भर में इस योजना की कड़ी निंदा हो रही है। कई बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठन, अरब देश और मानवाधिकार संगठन इसके खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं। इस्राइल के मानवाधिकार संगठन Adalah ने इस प्रस्ताव को सीधा 'war crime' यानी युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध बताया है। उनका कहना है कि यह जिनेवा सम्मेलनों और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के नियमों का खुला उल्लंघन है। इसके अलावा अमेरिकी सांसद Greg Landsman ने भी इस इसराइली मंत्री के बयानों की तीखी आलोचना की है और उन्हें बेहद गैर-जिम्मेदार बताया है।

भविष्य की योजनाएं और राजनीति

इन सभी आलोचनाओं और विवादों के बावजूद मंत्री Itamar Ben-Gvir अपनी बात पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि उनका यह प्लान पूरी तरह से व्यावहारिक है। उनका दावा है कि कुछ ऐसे देश भी तैयार हैं जो इन विस्थापित लोगों को अपने यहां जगह देने के लिए मान गए हैं, हालांकि उन्होंने उन देशों के नामों का खुलासा नहीं किया है। इस बीच इस्राइल में साल 2025 में हुए एक सर्वे के मुताबिक करीब 82% लोगों ने गाजा के नागरिकों को वहां से बाहर निकालने की इस योजना का समर्थन किया था। इस पूरे मामले पर अलजैकरा इंग्लिश के रिपोर्टर Mohammad Hijazi लगातार अपनी रिपोर्टिंग के जरिए नई जानकारी दुनिया के सामने ला रहे हैं।

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