West Bank में इसराइली Settlers का तांडव, घरों में घुसकर हमला, घरों के बाहर कड़ा पहरा और पाबंदियां जारी

Occupied West Bank के al-Mughayyir गांव में इसराइली settlers ने स्थानीय फलस्तीनी नागरिकों के घरों पर अचानक हमला बोल दिया है। इस हिंसा के दौरान दो नौजवान फलस्तीनी गोली लगने से बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इलाके में पिछले लंबे समय से तनाव का माहौल बना हुआ है और आम लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
गांव पर लगाया गया है कड़ा पहरा और घेराबंदी
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार इसराइली सेना ने गांव के इकलौते मुख्य रास्ते को लगातार 20 घंटे से बंद कर रखा है। फलस्तीनी विदेश मंत्रालय ने इस स्थिति को एक दम घुट्टू घेराबंदी करार दिया है जो पिछले करीब 20 दिनों से लगातार जारी है। गांव के लोगों के आने-जाने पर भारी पाबंदियां लगा दी गई हैं और कई बार तो सेना दिनभर में सिर्फ दो घंटे के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति देती है, जिससे रोजमर्रा का जीवन पूरी तरह से पटरी से उतर गया है।
भेड़ चुराने के झूठे आरोपों पर बढ़ा विवाद
यह पूरा नया विवाद पिछले दिनों शुक्रवार को तब शुरू हुआ जब कुछ भेड़ें चोरी होने का झूठा आरोप लगाकर इसराइली सेना और settlers ने गांव पर धावा बोल दिया। गांव के लोगों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इस हमले के दौरान करीब 50 इसराइली settlers गांव के उत्तरी हिस्से में घुस आए और एक फलस्तीनी किसान के साथ मारपीट की। साथ ही वहां से करीब 25 भेड़ें भी छीन ली गईं, हालांकि कुछ अन्य रिपोर्ट्स में 15 lambs यानी मेमनों की चोरी की बात भी सामने आई है। चश्मदीदों ने बताया कि इस दौरान हमलावरों और सेना ने उस एम्बुलेंस को भी रोक लिया जो घायलों को अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रही थी।
अन्य इलाकों में भी सैन्य गतिविधियां तेज
Ramallah और al-Bireh Governorate के दूसरे इलाकों में भी सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। Turmus Ayya शहर में सेना ने नया चेकपॉइंट बना दिया है और Deir Jarir गांव में घरों की तलाशी ली जा रही है। Al-Mughayyir गांव के मुखिया Amin Abu Aliya लगातार इन बिगड़ते हालातों की जानकारी साझा कर रहे हैं। दूसरी तरफ इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने Qusra और Jalud में कुछ लोगों द्वारा की गई हिंसा की निंदा की है, लेकिन फलस्तीनी मंत्रालय का साफ कहना है कि यह सब लोगों को वहां से भगाने की सोची-समझी साजिश है। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत दखल देने की अपील की गई है ताकि आम लोगों की रक्षा की जा सके।