गाजा पट्टी में इस्राइली हमलों में पांच फलस्तीनी नागरिकों की मौत, तीन किसान भी शामिल.

Nura Basta28 August 20263 min read18 viewsWorld
गाजा पट्टी में इस्राइली हमलों में पांच फलस्तीनी नागरिकों की मौत, तीन किसान भी शामिल.

गाजा पट्टी में शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को इस्राइली सैन्य हमलों के दौरान कम से कम पांच फलस्तीनी नागरिकों की जान चली गई। इन हमलों ने आम लोगों के जीवन को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है और इलाके में तनाव का माहौल लगातार बढ़ता जा रहा है। इस हिंसक कार्रवाई में एक ही परिवार के तीन सदस्य भी मारे गए, जो सुबह अपने खेतों में काम करने गए थे लेकिन वापस नहीं लौट सके। इस दुखद घटना के बाद से स्थानीय लोगों में काफी डर और निराशा का माहौल देखा जा रहा है।

इस्राइली ड्रोन हमले में तीन किसानों की मौत

खान यूनिस के उत्तर में स्थित अल-काराऱ्या इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई जहाँ कुछ लोग अपने खेतों में काम कर रहे थे। इस दौरान इस्राइली सेना के एक ड्रोन ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें तीन सगे संबंधियों की मौके पर ही मौत हो गई। मारे गए लोगों की पहचान 42 वर्षीय लाफी फायेज़ लाफी आबदीन, 28 वर्षीय तैसिर फायेज़ लाफी आबदीन और 42 वर्षीय अब्दुल-हमीद मोहम्मद आबदीन के रूप में हुई है। इस हमले के बाद इस्राइली सेना की तरफ से यह बयान सामने आया कि वे इन मौतों की जांच कर रहे हैं। सेना का यह भी कहना है कि उनके हालिया अभियान हमास के ठिकानों और मस्जिदों में बने हथियारों के गोदामों को निशाना बना रहे हैं।

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शरणार्थी शिविर और राहत सामग्री पर असर

शुक्रवार को हुए अन्य हमलों में भी जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिसमें बुरेज शरणार्थी शिविर में एक चार साल के मासूम बच्चे की जान चली गई। इसके अलावा देर अल-बलाह के एक टेंट कैंप में भी एक व्यक्ति के मारे जाने की खबर सामने आई है। इस हिंसा के बीच मानवीय स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच दिनों में कम से कम चार बच्चों की मौत हो चुकी है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। राहत कार्यों को भी भारी झटका लगा है क्योंकि 25 अगस्त को एक हमले में US$770,000 से अधिक मूल्य की यूनिसेफ की पोषण सामग्री वाला गोदाम पूरी तरह तबाह हो गया और उसके पास का एक जल शोधन संयंत्र भी क्षतिग्रस्त हो गया।

अंतर्राष्ट्रीय चिंता और विस्थापितों का संकट

इस गंभीर स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक के दौरान उच्च प्रतिनिधि निकोलय म्लादेनोव ने चेतावनी दी कि बातचीत और निरस्त्रीकरण के प्रयास रुकने की वजह से शांति प्रक्रिया अब वापसी न करने वाले मोड़ पर पहुंच रही है। इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम ने भी स्थानीय युद्धविराम समन्वय केंद्र से ब्रिटिश अधिकारियों को हटाने के किसी भी प्रयास के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। गाजा में हालात इतने खराब हैं कि लगभग 1.9 मिलियन फलस्तीनी लोग अपने घरों को छोड़कर विस्थापित होने के लिए मजबूर हैं। क्षेत्रीय अधिकारी अब जल्द से जल्द बुनियादी सेवाओं को बहाल करने और राहत पहुंचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 का सख्ती से पालन करने की अपील कर रहे हैं। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी के लिए आप ReliefWeb Report और UK Government Statement पर जा सकते हैं।

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