जेद्दा इस्लामिक पोर्ट पर निकलते हाजियों को मिली खास सौगात, 4 हजार से ज्यादा कॉपियां बांटी गईं

Sushma Kumari11 June 20262 min read21 viewsExtra

हज पूरा करके जब लोग अपने देश लौटते हैं, तब आखिरी पड़ाव पर छोटी-सी मदद भी यादगार बन जाती है। सऊदी अरब के Ministry of Islamic Affairs, Dawah, and Guidance ने जेद्दा इस्लामिक पोर्ट से रवाना हो रहे हाजियों के बीच किंग सलमान की तरफ से दी जाने वाली खास गिफ्ट की कॉपियां बांटी थीं।

Akhbar24 की रिपोर्ट के मुताबिक यह वितरण जारी रहा और इस बार 4,000 से ज्यादा कॉपियां हाजियों को दी गईं। यह काम हज सीजन के बाद लौटने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया गया था।

यह अपडेट 11 जून 2026 को सामने आया था।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

जेद्दा इस्लामिक पोर्ट पर क्या बांटा गया

रिपोर्ट के अनुसार जेद्दा इस्लामिक पोर्ट से निकलने वाले हाजियों को Custodian of the Two Holy Mosques’ gift की कॉपियां दी गईं। यह वितरण Ministry of Islamic Affairs, Dawah, and Guidance की तरफ से किया गया था।

कितनी कॉपियां दी गईं और कब की जानकारी है

Akhbar24 की 11 जून 2026 की रिपोर्ट में बताया गया था कि मंत्रालय ने 4,000 से ज्यादा कॉपियां बांटी थीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि यह पहल लगातार जारी रही और रवाना होने वाले हाजियों को यह गिफ्ट दी जाती रही।

विदेश से आए हाजियों और गल्फ में रहने वाले लोगों के लिए क्या मतलब

जेद्दा इस्लामिक पोर्ट से कई देशों के हाजी रवाना होते हैं, जिनमें भारत समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहते हैं। ऐसे में लौटते वक्त पोर्ट पर मंत्रालय की तरफ से तय व्यवस्था और वितरण से यात्रियों को आखिरी समय में सुविधा मिलती है और हज यात्रा का समापन व्यवस्थित तरीके से होता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जेद्दा इस्लामिक पोर्ट पर हाजियों को क्या गिफ्ट दी गई थी

Akhbar24 की रिपोर्ट के मुताबिक Ministry of Islamic Affairs, Dawah, and Guidance ने Custodian of the Two Holy Mosques’ gift की कॉपियां हाजियों को बांटी थीं। यह गिफ्ट जेद्दा इस्लामिक पोर्ट से रवाना होने वाले यात्रियों को दी गई थी।

रिपोर्ट में कितनी कॉपियां बांटने की बात कही गई थी

11 जून 2026 को आई रिपोर्ट में बताया गया था कि 4,000 से ज्यादा कॉपियां बांटी गई थीं। मंत्रालय की यह वितरण प्रक्रिया जारी रहने की जानकारी भी दी गई थी।

Share:

Comments

Leave a comment