जॉर्डन एयरस्पेस में घुसे 8 ईरानी मिसाइल, सेना ने हवा में ही तबाह कर सुरक्षा बढ़ाई.

Aanya31 August 20262 min read39 viewsWorld
जॉर्डन एयरस्पेस में घुसे 8 ईरानी मिसाइल, सेना ने हवा में ही तबाह कर सुरक्षा बढ़ाई.

जॉर्डन की सेना ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने आसमान में प्रवेश करने वाले 8 ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्व रोक दिया और हवा में ही नष्ट कर दिया। यह घटना 31 अगस्त 2026 की सुबह की है, जब जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी खतरों को जमीन पर गिरने से पहले ही नाकाम कर दिया। इस बारे में जानकारी देते हुए सैन्य अधिकारियों ने साफ कहा कि देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए सभी सैन्य टुकड़ियां पूरी तरह से तैयार हैं और मुस्तैदी से काम कर रही हैं।

जॉर्डन ने क्षेत्रीय संघर्ष पर कड़ा रुख अपनाया

देश की सरकार और सेना की तरफ से जारी एक औपचारिक बयान में यह साफ कर दिया गया है कि जॉर्डन अपनी जमीन या अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी क्षेत्रीय टकराव या हिसाब किताब चुकता करने के अखाड़े के रूप में बिल्कुल नहीं होने देगा। जॉर्डन ने अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, ताकि आम नागरिकों और संपत्ति को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। पड़ोसी देशों में चल रहे तनाव के बीच जॉर्डन का यह कदम क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से बहुत अहम माना जा रहा है।

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ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स का दावा

दूसरी तरफ, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC ने यह दावा किया था कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे। इन निशानों में किंग हुसैन एयर बेस और अल-अजraq जैसे ठिकाने शामिल थे। IRGC का यह भी कहना था कि इन हमलों से तकनीकी बुनियादी ढांचे और विमान स्टेशनों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, फॉक्स न्यूज द्वारा उद्धृत सूत्रों ने इस दावे के उलट बात कही और बताया कि अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली ने लगभग सभी आने वाली मिसाइलों को रास्ते में ही रोक लिया, जिससे जमीन पर बहुत कम असर पड़ा।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

यह पूरा घटनाक्रम 30 अगस्त 2026 को हुई एक अन्य कार्रवाई के बाद सामने आया है, जिसमें यूएस सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास लारक द्वीप पर तैनात ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हमले किए थे। अमेरिकी बलों ने लारक द्वीप की इस कार्रवाई को एक सीमित और सटीक हमला बताया, जिसका मकसद IRGC बलों द्वारा जलमार्ग में समुद्री बारूदी सुरंगे बिछाने की आसन्न योजना को रोकना था। अमेरिकी सेना ने ईरानी दावों को खारिज करते हुए कहा कि वैश्विक व्यापार और आम नाविकों की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई करना बहुत जरूरी था। अमेरिका और ईरान के बीच सीधी झड़पों का यह दौर पिछले छह महीनों से लगातार जारी है, जो इस क्षेत्र में तनाव को और ज्यादा गहरा रहा है।

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