गाजा में सहायता कर्मियों की मौत पर जोस एंड्रेस ने की स्वतंत्र जांच की मांग, इस्राइली सैन्य फैसले पर उठा सवाल.

Nura Basta30 August 20262 min read32 viewsWorld
गाजा में सहायता कर्मियों की मौत पर जोस एंड्रेस ने की स्वतंत्र जांच की मांग, इस्राइली सैन्य फैसले पर उठा सवाल.

वर्ल्ड सेंट्रल किचन के संस्थापक Jose Andres ने गाजा में हुए इस्राइली सैन्य हमलों में सात मानवीय सहायता कर्मियों की मौत के मामले में फिर से निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है। इस दर्दनाक घटना में दुनिया भर के कई देशों के नागरिक मारे गए थे, जिसके बाद से लगातार न्याय की मांग की जा रही है। इस्राइल की सैन्य अदालत और अभियोजक द्वारा इस मामले में किसी भी तरह की आपराधिक कार्रवाई न करने के फैसले के बाद यह नया विवाद सामने आया है।

घटना की पृष्ठभूमि और इस्राइली सैन्य जांच

यह दुखद घटना April 2024 में हुई थी, जब गाजा में इस्राइली सैन्य हमलों की चपेट में आने से सात सहायता कर्मियों की जान चली गई थी। राहत संगठन World Central Kitchen (WCK) और इस्राइल डिफेंस फोर्सेस यानी IDF के बीच पहले से ही पूरी जानकारी और समन्वय होने के बावजूद यह हमला हुआ था। इस्राइल की सेना ने अपनी आंतरिक जांच में इस बात को माना था कि इस मामले में गंभीर गलतियां हुईं और सहायता कर्मियों को गलती से हमास के हथियारबंद लोग समझ लिया गया था। हालांकि, सेना ने यह निष्कर्ष निकाला कि इसमें शामिल कमांडरों के खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला नहीं बनता है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इस आंतरिक जांच के बाद सेना ने दो अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया और तीन अन्य अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी थी। इस मामले में ड्रोन हमले का आदेश देने वाले पूर्व इस्राइली कर्नल Nochi Mendel ने August 29, 2026 को सार्वजनिक रूप से बयान दिया कि उन्हें अपने किए पर किसी भी तरह का पछतावा नहीं है। उनके इस बयान के बाद पीड़ितों के परिवारों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिक्रिया

इस्राइल के सैन्य अभियोजक द्वारा इस आपराधिक जांच को बंद करने के फैसले के बाद दुनिया भर के कई देशों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। August 21, 2026 को यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया की सरकारों ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस फैसले को पूरी तरह से शर्मनाक और अस्वीकार्य बताया। इन देशों का कहना है कि इस तरह की जवाबदेही के अभाव में पिछले दो साल से ज्यादा समय से इंसाफ का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवारों को कभी भी सही जवाब नहीं मिल पाएगा।

इसके अलावा अमेरिकी प्रतिनिधि Rosa DeLauro ने भी इस पूरे घटनाक्रम को न्याय का हनन करार दिया है। इस संबंध में अधिक जानकारी official statement के माध्यम से देखी जा सकती है। राहत संगठन का यह साफ कहना है कि इस्राइल की सेना अपनी ही गलतियों की निष्पक्ष और भरोसेमंद जांच कभी नहीं कर सकती है। इस हमले में ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, यूनाइटेड किंगडम, फिलिस्तीन के नागरिकों के अलावा एक अमेरिकी-कनाडाई नागरिक भी शामिल था। संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार ने अभी तक इस पूरे हादसे की अपनी तरफ से कोई भी अलग या स्वतंत्र जांच शुरू करने की घोषणा नहीं की है।

Share:

Comments

Leave a comment