नेपाल बाढ़ का कहर, कर्नाटक सरकार ने 12 कन्नडिगा नागरिकों की सुरक्षा के लिए काठमांडू भेजे अधिकारी.

नेपाल में आए विनाशकारी flash floods के कारण कर्नाटक के कई नागरिक मुश्किल में फंस गए हैं और राज्य सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है। Karnataka के Deputy Chief Minister G. Parameshwara ने शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी कि राज्य के कुल 12 लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। नेपाल और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कई लोगों के फंसे होने की खबरों के बाद, राज्य सरकार ने तुरंत सटीक जानकारी जुटाने और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए अपने अधिकारियों को सीधे काठमांडू भेजने का फैसला किया है।
बाढ़ की शुरुआत और हालात
यह तबाही नेपाल-चीन सीमा के पास Timure इलाके में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को आए एक भयानक avalanche यानी हिमस्खलन के बाद शुरू हुई थी। इसके बाद से लगातार नेपाल में हालात बिगड़ते चले गए। इससे पहले गुरुवार, 27 अगस्त को Chief Minister D.K. Shivakumar के कार्यालय ने रिपोर्ट दी थी कि कम से कम 13 निवासी, जिनमें बेंगलुरु के 11 लोग भी शामिल हैं, वहां फंसे हुए हैं। इसके अलावा, Home Minister Priyank Kharge ने बताया कि इस पूरे क्षेत्र में लगभग 130 से 140 भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं, हालांकि अभी तक सही आंकड़ों की पुष्टि की जा रही है। इस पूरी आपदा की विस्तृत जानकारी ANI News की रिपोर्ट में दी गई है।
सरकार द्वारा उठाए गए राहत कदम
स्थिति से निपटने के लिए Karnataka State Emergency Operations Centre (SEOC) लगातार काम कर रहा है। यह केंद्र नई दिल्ली में स्थित Ministry of External Affairs और Karnataka Bhavan के Resident Commissioner के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। फंसे हुए लोगों के परिवारों की मदद के लिए सरकार ने विशेष इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 1070 और 080-22253707 जारी किए हैं। इसके साथ ही एक गूगल फॉर्म भी शुरू किया गया है ताकि परिवार वाले अपने लापता रिश्तेदारों की जानकारी आसानी से दर्ज करा सकें। राहत की बात यह है कि हावेरी जिले के 12 यात्रियों के एक समूह को सुरक्षित बचा लिया गया है और वे सभी अब Sonauli क्षेत्र की तरफ बढ़ रहे हैं।
प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह से गंभीर मानते हुए अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि यदि हालात की मांग हुई, तो राहत और बचाव कार्यों की देखरेख के लिए कर्नाटक से एक मंत्री को तुरंत नेपाल भेजा जाएगा ताकि वहां फंसे हर एक नागरिक को सुरक्षित वापस लाया जा सके। इस संकट से जुड़ी अन्य अपडेट्स UNI India के माध्यम से सामने आई हैं।