काठमांडू में गैस की भारी किल्लत, छात्रों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए सड़क पर लकड़ी जलाकर पकाया खाना.

Nura Basta10 September 20262 min read30 viewsWorld
काठमांडू में गैस की भारी किल्लत, छात्रों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए सड़क पर लकड़ी जलाकर पकाया खाना.

नेपाल की राजधानी काठमांडू में इन दिनों खाना पकाने वाली गैस यानी एलपीजी की भारी कमी देखने को मिल रही है, जिसके चलते आम लोगों और खासकर छात्रों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के विरोध में नेपाल के छात्रों ने एक बहुत ही अनोखा और अनोखे तरीके का प्रदर्शन किया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। माओवादी संगठन से जुड़े इन छात्रों ने गुरुवार को काठमांडू के प्रसिद्ध प्रदर्शनी मार्ग पर स्थित आरआर कैंपस के मुख्य गेट के ठीक सामने सड़क पर ही लकड़ी जलाई और उस पर खाना पकाया। इतना ही नहीं, इन छात्रों ने सड़क पर ही बैठकर भोजन भी किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

छात्रों और आम लोगों की गंभीर समस्याएं

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का साफ तौर पर कहना है कि देश की सरकार बाजार में गैस की सहज और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। इस गैस संकट की वजह से वे छात्र सबसे ज्यादा पिस रहे हैं जो अपने घर-परिवार से दूर किराए के कमरों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा शहर में रहने वाले आम नागरिक भी इस मुसीबत से जूझ रहे हैं। अखिल क्रान्तिकारी संगठन के अध्यक्ष विजय प्रकाश सापकोटा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि बाजार में गैस की भारी कमी चल रही है और ऐसे में किराए के मकानों में रहने वाले छात्रों को मकान मालिक इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल करने की बिल्कुल भी अनुमति नहीं देते हैं। इसके साथ ही, छोटे-छोटे कमरों के अंदर लकड़ी जलाकर खाना पकाना भी किसी भी तरह से संभव नहीं है, जिससे छात्रों के सामने खाने का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है.

सरकार पर लगे लापरवाही और मिलीभगत के गंभीर आरोप

छात्र नेता विजय प्रकाश सापकोटा ने मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार देश की आम जनता की बुनियादी समस्याओं के प्रति पूरी तरह से उदासीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से सुसुशासन और विकास के जितने भी दावे किए जा रहे हैं, वे केवल और केवल जनता को भ्रमित करने तक ही सीमित हैं। सापकोटा ने यह भी बहुत बड़ा आरोप लगाया कि देश में जरूरत से ज्यादा गैस का आयात किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में सोची-समझी साजिश के तहत कृत्रिम तरीके से भारी कमी पैदा कर दी गई है। उन्होंने दावा किया कि इस कृत्रिम किल्लत के पीछे गैस की कीमतें बढ़ाने का खेल चल रहा है और इसमें कहीं न कहीं राज्य प्रशासन और संबंधित विभाग की भी पूरी मिलीभगत शामिल है। इस पूरे मामले की जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के पत्रकार पंकज दास द्वारा रिपोर्ट की गई है, जिसमें बताया गया कि कैसे आम जनता इस व्यवस्था से त्रस्त हो चुकी है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment