Bahrain में बाथरूम हादसे में केरल के बच्चे की मौत, भारतीय दूतावास ने बताए शव भेजने के नियम

Nura Basta30 August 20263 min read29 viewsBahrain
Bahrain में बाथरूम हादसे में केरल के बच्चे की मौत, भारतीय दूतावास ने बताए शव भेजने के नियम

बहरीन से एक बहुत ही दुखद खबर सामने आई है, जहां केरल मूल के एक छोटे बच्चे की बाथरूम में हुए हादसे के बाद मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना रविवार, 30 अगस्त 2026 को हुई, जिसकी जानकारी सबसे पहले गल्फ डेली न्यूज की एक रिपोर्ट के जरिए सामने आई थी। इस हादसे ने वहां रहने वाले प्रवासी भारतीयों को झकझोर कर रख दिया है और हर कोई इस परिवार के दुख में शामिल है।

फिलहाल इस मामले में बच्चे का नाम, उसकी उम्र, बहरीन में उसके रहने की जगह और हादसे की असल वजह का खुलासा सार्वजनिक तौर पर नहीं किया गया है। आधिकारिक तौर पर अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हादसा फिसलने की वजह से हुआ, पानी से जुड़ा कोई मामला था, बिजली का झटका लगा था या फिर कोई अन्य वजह इसके पीछे थी। मेडिकल और पुलिस जांच की रिपोर्ट आने का अभी इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही पूरी स्थिति साफ हो सकेगी।

भारतीय दूतावास की कागजी प्रक्रिया और नियम

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बहरीन स्थित भारतीय दूतावास ने इस तरह के मामलों में मौत और शव को वापस देश भेजने यानी रिपैट्रिएशन की पूरी प्रक्रिया के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज तय किए हैं। दूतावास के नियमों के मुताबिक, पीड़ित परिवार को बहरीन के Information & eGovernment Authority द्वारा जारी किया गया डेथ सर्टिफिकेट देना होता है। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय या संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी वह डेथ नोटिफिकेशन भी जरूरी है जिसमें मौत की वजह लिखी हो और साथ ही मृतक बच्चे या व्यक्ति का मूल पासपोर्ट भी देना होता है।

अगर मृतक का कोई परिजन बहरीन में किसी स्पॉन्सर के तहत नौकरी कर रहा था, तो सेटलमेंट लेटर और कैलकुलेशन शीट जैसे दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। किसी भी दुर्घटना या असामान्य मौत के मामलों में पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट देना अनिवार्य होता है, और अगर जरूरत पड़े तो उसका अंग्रेजी अनुवाद भी देना पड़ता है।

शव को भारत भेजने के लिए जरूरी कागजात

भारत में पार्थिव शरीर यानी शव को वापस भेजने के लिए परिवार के सबसे करीबी रिश्तेदार की सहमति का पत्र होना बहुत जरूरी है। इस सहमति पत्र को भारत के किसी अधिकृत अधिकारी जैसे कि विलेज ऑफिसर, तहसीलदार, पंचायत अध्यक्ष या फिर नोटरी पब्लिक से अटेस्ट करवाना पड़ता है। इस पत्र में यह साफ-साफ लिखा होना चाहिए कि किसी नियोक्ता के खिलाफ कोई दावा बाकी है या नहीं और भारत के किस एयरपोर्ट पर शव रिसीव किया जाएगा, उस व्यक्ति का नाम, पूरा पता और फोन नंबर भी देना होता है।

जो परिवार बहरीन में ही स्थानीय स्तर पर अंतिम संस्कार या दफनाने का विकल्प चुनते हैं, उन्हें भी परिवार के करीबी सदस्य की मूल सहमति देनी होती है। भारतीय दूतावास भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा चलाए जाने वाले eCARe (e-Clearance for Afterlife Remains) पोर्टल का उपयोग करता है ताकि भारत आने वाले शवों के सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी मंजूरी आसानी से मिल सके।

दूतावास से कैसे करें संपर्क

यदि बहरीन में किसी भी भारतीय परिवार को ऐसी किसी मुश्किल का सामना करना पड़ता है, तो वे अल-सेफ, मनामा में स्थित भारतीय दूतावास से मदद ले सकते हैं। आपातकालीन सहायता के लिए 24 घंटे उपलब्ध नंबर +973 39418071 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा कम्युनिटी वेलफेयर और लेबर से जुड़ी समस्याओं के लिए +973 17180529 पर बात की जा सकती है। दूतावास के ऑफिस का समय रविवार से गुरुवार तक सुबह 8:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक का है। कांसुलर सेवाएं सनाबीस के बहरीन मॉल में स्थित इंडियन कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर में शनिवार से गुरुवार तक सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक मिलती हैं, और आम पूछताछ के लिए व्हाट्सएप नंबर +973 66633311 पर मैसेज किया जा सकता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Gulf Daily News की रिपोर्ट देख सकते हैं।

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