King's College London का बड़ा फैसला, एक साल बाद फिलिस्तीन समर्थक छात्र Usama Ghanem की बहाली.

लंदन के मशहूर King’s College London ने आखिरकार एक साल के लंबे इंतजार और पाबंदियों के बाद अपने छात्र Usama Ghanem का अनिश्चितकालीन निलंबन खत्म कर दिया है।मिस्र के रहने वाले उसामा गानिम एक जाने-माने छात्र और फिलिस्तीन समर्थक एक्टिविस्ट हैं, जिनकी इस वापसी से उन्हें अपनी अधूरी पढ़ाई को दोबारा शुरू करने की बड़ी राहत मिली है।इस बात की आधिकारिक पुष्टि प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान Al Jazeera English द्वारा 10 सितंबर 2026 को की गई थी, जिसके बाद से यह मामला शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्यों हुई थी कार्रवाई और कैसे बढ़ा विवाद
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मई 2025 में उसामा गानिम को तीन अलग-अलग अनुशासनात्मक मामलों के आधार पर निलंबित कर दिया था।यूनिवर्सिटी का कहना था कि यह कदम उनके द्वारा नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए उठाया गया था, न कि किसी कानूनी विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए।इन मामलों में मुख्य रूप से जून 2024 में एक एलुमनी अवार्ड्स समारोह में व्यवधान डालना, फरवरी 2025 में कैंपस की एक घटना और मई 2025 में लंदन डिफेंस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुआ विरोध प्रदर्शन शामिल था।इन सभी वजहों का हवाला देते हुए यूनिवर्सिटी ने उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी, जिसके कारण उन्हें भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
वीज़ा रद्द होने और डिपोर्टेशन का मंडराया था खतरा
इस निलंबन का असर उसामा गानिम के जीवन पर बहुत बुरा पड़ा क्योंकि यूनिवर्सिटी के इस फैसले के बाद उनका स्टूडेंट वीज़ा भी रद्द कर दिया गया था।वीज़ा खत्म होने की वजह से उनके सामने मिस्र वापस भेजे जाने यानी डिपोर्टेशन का बड़ा खतरा पैदा हो गया था।उसामा और उनके परिवार ने पहले भी मिस्र में राजनीतिक उत्पीड़न और यातनाओं का सामना करने की बात कही थी, जिसके बारे में यूनिवर्सिटी के अधिकारी पहले से ही अच्छी तरह जानते थे।इसके अलावा, जुलाई 2026 में अल जज़ीरा और लिबर्टी इन्वेस्टिगेट्स की एक रिपोर्ट में सामने आया था कि किंग्ज़ कॉलेज लंदन ने किसी भी अन्य ब्रिटिश यूनिवर्सिटी की तुलना में फिलिस्तीन समर्थक छात्रों के खिलाफ सबसे ज्यादा अनुशासनात्मक जांच शुरू की थीं।
दुनियाभर के संगठनों और दिग्गजों का मिला था साथ
अपने निलंबन के इस एक साल के दौरान उसामा गानिम अकेले नहीं थे बल्कि उन्हें दुनिया भर के कई बड़े संगठनों और नामी हस्तियों का पूरा समर्थन मिला था।Amnesty International UK, CAGE International, और ब्रिटिश सोसाइटी फॉर मिडिल ईस्टर्न स्टडीज़ यानी BRISMES जैसे संगठनों ने खुलकर उनका साथ दिया था।इसके अलावा जाने-माने राजनेता Jeremy Corbyn और पर्यावरण एक्टिविस्ट Greta Thunberg जैसी बड़ी हस्तियों ने भी उनकी बहाली के लिए जोरदार मांग उठाई थी।दूसरी ओर, कैंपेन अगेंस्ट एंटीसेमिटिज्म यानी CAA की तरफ से भी छात्र प्रदर्शनों को लेकर यूनिवर्सिटी पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिसके बीच अब जाकर यह बड़ा फैसला लिया गया है और छात्र को राहत मिली है।