Kuwait में ईरान का बड़ा हमला, हवा में रोके गए मिसाइल और ड्रोन, सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी।

Praggya Singh sabal3 September 20263 min read64 viewsKuwait
Kuwait में ईरान का बड़ा हमला, हवा में रोके गए मिसाइल और ड्रोन, सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी।

कुवैत में सुरक्षा हालात अचानक से काफी तनावपूर्ण हो गए हैं क्योंकि देश के ऊपर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं। 3 सितंबर 2026 को कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से एक्टिव रही और आसमान में ही दुश्मनों के हमलों को नाकाम करने का काम किया गया। आम लोगों ने जब आसमान में तेज धमाकों की आवाजें सुनीं, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इसके बाद देश की सेना यानी जनरल स्टाफ ऑफ द कुवैत आर्मेड फोर्सेस ने साफ किया कि ये सारे धमाके मिलिट्री द्वारा किए गए इंटरसेप्शन ऑपरेशन की वजह से हो रहे थे, जिससे खतरे को हवा में ही रोका जा सके।

इस पूरे मामले की शुरुआत 2 सितंबर 2026 को हुई थी, जब राजधानी कुवैत सिटी के एक रिहायशी इलाके में ड्रोन से हमला किया गया था। इस खतरनाक हमले की वजह से वहां एक बड़े रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स में भयानक आग लग गई थी। गनीमत यह रही कि पब्लिक फायर फोर्स ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया और इस घटना में किसी भी इंसान की जान जाने की खबर सामने नहीं आई। इस घटना के बाद से ही देश के हालात पर सरकार की पैनी नजर बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है।

कुवैत सरकार और विदेश मंत्रालय का कड़ा रुख

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन लगातार हमलों पर बहुत कड़ी आपत्ति जताई है और इसे देश की संप्रभुता पर सीधा हमला करार दिया है। सरकार का कहना है कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा हैं और यह सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर और यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के प्रस्ताव यूएन सिक्योरिटी काउंसिल रेजोल्यूशन 2817 का खुला उल्लंघन है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि यह ईरान के सिरिक इलाके में हुए एक अमेरिकी हमले का बदला है, जिसमें कथित तौर पर चार लोगों की मौत हो गई थी।

ईरान की मिलिट्री ने यह भी दावा किया कि उनके निशाने पर केवल अली अल सालेम एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी सैनिक थे और उन्होंने अमेरिकी ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है, हालांकि इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। ईरानी सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फघारी ने बताया कि उनके हमले सिर्फ अमेरिका के सैनिकों के खिलाफ थे जो कुवैत में रुके हुए हैं और उन्होंने मांग की है कि अमेरिकी सैनिकों को देश से तुरंत बाहर जाना चाहिए। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस पूरी घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि अमेरिका ने ईरानी हमलों का बहुत कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका भविष्य में और भी कड़े कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

प्रवासियों और आम नागरिकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

इस क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए कुवैत की सेना ने देश में रहने वाले सभी नागरिकों और प्रवासियों से अपील की है कि वे सरकार और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी किए गए सभी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। इस संकट की घड़ी में देश का हर नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है, खासकर वे लोग जो बाहर से आकर वहां नौकरी या कारोबार कर रहे हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप QNA की आधिकारिक रिपोर्ट देख सकते हैं। सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने में लगी है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर देश की सीमाओं और वहां रहने वाले हर एक इंसान की पूरी सुरक्षा की जाए।

Share:

Comments

Leave a comment