Kuwait and India New Partnership: कुवैत और भारत के रिश्तों में आया नया मोड़, डिफेंस और एनर्जी सेक्टर में हुआ बड़ा समझौता.

Praggya Singh sabal7 September 20262 min read15 viewsKuwait
Kuwait and India New Partnership: कुवैत और भारत के रिश्तों में आया नया मोड़, डिफेंस और एनर्जी सेक्टर में हुआ बड़ा समझौता.

कुवैत और भारत के बीच आपसी रिश्तों को एक नई मजबूती मिली है और दोनों देशों ने मिलकर आपसी सहयोग को और आगे बढ़ाने का बड़ा फैसला किया है। कुवैत में भारत के राजदूत H.E. Meshaal Al-Shamali ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध अब एक नई रणनीतिक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस बदलाव से डिफेंस, रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर, फूड सिक्योरिटी और निवेश जैसे अहम क्षेत्रों में काम करने के नए रास्ते खुलेंगे। इस साझेदारी का सीधा फायदा कुवैत में रह रहे करीब 10 लाख भारतीयों को मिलेगा जो वहां नौकरी और कारोबार करते हैं।

ऐतिहासिक यात्रा और कूटनीतिक रिश्तों के 65 साल

यह नया रणनीतिक कदम साल दिसंबर 2024 में हुई उस ऐतिहासिक यात्रा के बाद उठाया गया है जब भारतीय प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कुवैत का दौरा किया था। पिछले 43 सालों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली कुवैत यात्रा थी, जिसने दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुँचाया। साल 2026 इन दोनों देशों के बीच राजनैतिक संबंधों की स्थापना के 65 साल पूरे होने का जश्न मनाने का साल भी है, जिनकी शुरुआत साल 1961 में हुई थी। इस बारे में अधिक जानकारी विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट MEA Portal पर दी गई है।

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डिफेंस और सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा कदम

सुरक्षा और रक्षा सहयोग के मामले में भी एक बड़ा मोड़ आया जब नई दिल्ली में 28 अगस्त 2026 को भारत-कुवैत ज्वॉइंट डिफेंस कमेटी यानी JDC की पहली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव Amitabh Prasad और कुवैत के ब्रिगेडियर जनरल Raed Alsakran ने की। इस बैठक के जरिए प्रधानमंत्री मोदी की 2024 की यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग को लेकर साइन किए गए समझौते को जमीन पर उतारा गया जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य संबंध मजबूत हो रहे हैं।

आर्थिक कूटनीति और ऊर्जा क्षेत्र में तेजी

आर्थिक मामलों में भी बातचीत काफी तेज हो गई है। इसका उदाहरण 24 अगस्त 2026 को देखने को मिला जब कुवैत में भारत की राजदूत Paramitha Tripathi ने कुवैत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री Osama Khaled Abdullah Bodai से मुलाकात की। इस मुलाकात में मजबूत सप्लाई चेन और औद्योगिक व्यापार को लेकर चर्चा की गई। भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने भी इससे पहले जुलाई 2026 में कुवैत का दौरा किया था ताकि ऊर्जा के क्षेत्र में हितों को एक सीध में लाया जा सके। कुवैत अकेला भारत की कुल तेल और गैस की जरूरत का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा सप्लाई करता है। इस पूरी जानकारी के बारे में आप News On Air की वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं। इसके अलावा, दोनों देश कुवैत में होने वाली राजनीतिक वार्ताओं के आठवें दौर की तैयारी में जुटे हैं ताकि भारतीय कारोबारियों को कुवैत सरकार के प्रोजेक्ट्स में काम करने के ज्यादा मौके मिल सकें और भारत में कुवैती निवेश को भी बढ़ावा मिल सके।

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