Kuwait समेत 8 देशों ने इसराइल के मंत्रियों के बयान पर की कड़ी निंदा, फिलिस्तीनियों को हटाने के प्रस्ताव को नकारा.

Praggya Singh sabal6 September 20262 min read18 viewsKuwait
Kuwait समेत 8 देशों ने इसराइल के मंत्रियों के बयान पर की कड़ी निंदा, फिलिस्तीनियों को हटाने के प्रस्ताव को नकारा.

कुवैत ने 6 सितंबर 2026 को यूएई, सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र के साथ मिलकर एक बड़ा साझा बयान जारी किया। इस साझा बयान में इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-गवीर और इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज के उन बयानों की कड़ी निंदा की गई जिसमें गाजा पट्टी से फिलिस्तीनियों को हटाने की बात कही गई थी। कुवैत समाचार एजेंसी KUNA ने इस निंदा को आधिकारिक तौर पर रिपोर्ट किया और फिलिस्तीनियों को हटाने की इस भाषा को सिरे से खारिज कर दिया।

अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और जबरन विस्थापन का विरोध

बैठक में शामिल विदेश मंत्रियों ने साफ तौर पर कहा कि फिलिस्तीनियों को जबरन हटाने के प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का साफ उल्लंघन हैं। यह बयान ऐसे समय में आया जब मंत्री इतमार बेन-गवीर द्वारा विस्थापन के लिए सात साल की योजना बनाने और एक समर्पित उत्प्रवास मंत्रालय बनाने की खबरें सामने आई थीं। इन देशों ने चेतावनी दी कि इस तरह की बातें फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों के लिए सीधा खतरा पैदा करती हैं। सभी देशों ने किसी भी बहाने से फिलिस्तीनियों को उनके घर से हटाने की कोशिशों को पूरी तरह से खारिज कर दिया और कहा कि अगर इस सोच को सरकारी नीति बनाया गया तो इसके बहुत गंभीर परिणाम होंगे।

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गाजा की क्षेत्रीय एकता और दो-राज्य समाधान पर जोर

साझा बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि गाजा पट्टी कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र का एक अहम हिस्सा है। मंत्रियों ने वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम के साथ गाजा की क्षेत्रीय एकता को बनाए रखने की पुरजोर मांग की। इसके अलावा, मंत्रियों ने यह भी कहा कि इस तरह के प्रस्ताव संघर्ष को खत्म करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को चुनौती देते हैं, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समर्थित व्यापक योजना भी शामिल है जो जबरन विस्थापन का साफ विरोध करती है। इन देशों ने माना कि इलाके में न्यायसंगत और स्थायी शांति तभी मिल सकती है जब 4 जून 1967 की सीमाओं के आधार पर दो-राज्य समाधान लागू किया जाए, जिसकी राजधानी पूर्वी यरुशलम में एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य हो।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़े कदम उठाने की अपील

बैठक के अंत में मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं और इस क्षेत्र में कोई भी नया जनसांख्यिकीय या भौगोलिक बदलाव थोपने से रोकें। इस बारे में अधिक जानकारी और आधिकारिक विवरण State Information Service (SIS) की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के बीच भी इस स्थिति को लेकर चिंता का माहौल है, क्योंकि इस तरह के विवाद पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की शांति और सुरक्षा को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं।

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