कुवैत और कतर ने की क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा, होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा पर दिया जोर

क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को लेकर खाड़ी देशों में कूटनीतिक गतिविधियां तेजी से चल रही हैं और इसी सिलसिले में 28 अगस्त 2026 को कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाब अल-अहमद अल-सबाह ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलرحمن बिन जासिम अल-थानी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। इस अहम बातचीत के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास और तनाव को कम करने के लिए चल रहे राजनयिक प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की। कुवैत समाचार एजेंसी KUNA और कतर समाचार एजेंसी QNA की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस वार्ता का मुख्य केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य के भीतर समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा और स्वतंत्रता को सुनिश्चित करना था, जो खाड़ी क्षेत्र के व्यापार और आवाजाही के लिए बेहद जरूरी है। इस बातचीत के बारे में अधिक जानकारी QNA की आधिकारिक रिपोर्ट में साझा की गई है।
कतर के प्रधानमंत्री की तेहरान यात्रा और नए प्रस्ताव
कुवैत और कतर के बीच यह महत्वपूर्ण टेलीफोन कॉल कतर के प्रधानमंत्री की गहन क्षेत्रीय व्यस्तताओं के ठीक बाद हुई, जिन्होंने 27 अगस्त 2026 को तेहरान का दौरा किया था। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की थी। इन बैठकों के दौरान कतर ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अस्थायी संयुक्त नेविगेशन गलियारे और एक संयुक्त खदान-निकासी परियोजना के लिए एक संक्रमणकालीन फ्रेमवर्क का प्रस्ताव रखा था। इस सिलसिले में QNA की रिपोर्ट में बताया गया कि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन चर्चाओं को रचनात्मक बताया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि व्यापक राजनयिक रास्तों को फिर से शुरू करना ईरानी अधिकारों की मान्यता और दबाव की रणनीतियों से दूर हटने पर निर्भर करता है।
समुद्री सुरक्षा और अन्य क्षेत्रीय संपर्क
मौजूदा सुरक्षा अस्थिरता के बीच अमेरिकी सेना ने यह पुष्टि की है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से सफलतापूर्वक खदानों को साफ कर दिया है ताकि जहाजों की आवाजाही सुरक्षित हो सके। क्षेत्रीय सुरक्षा की इन तमाम गतिविधियों के बीच कुवैत के विदेश मंत्री ने ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बद्र हमद अल बुसादी के साथ भी अलग से बातचीत की और इन क्षेत्रीय सुरक्षा विकासों पर चर्चा की। इन वार्ताओं से जुड़ी जानकारी WAM की आधिकारिक रिपोर्ट में भी दी गई है, जो खाड़ी देशों के बीच आपसी समन्वय को दर्शाती है।