Kuwait City में ईरान का ड्रोन अटैक, आवासीय इमारत क्षतिग्रस्त, अमेरिका और ईरान की तनातनी से कुवैत में हड़कंप।

खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बीच कुवैत सिटी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। 2 सितंबर 2026 को कुवैत सिटी में एक रिहायशी इमारत पर ईरान की तरफ से आए ड्रोन ने हमला कर दिया जिससे इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है। कुवैत के अधिकारियों ने साफ किया है कि इस हमले में किसी भी आम नागरिक की जान नहीं गई है और सभी लोग सुरक्षित हैं। गल्फ देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी इस बढ़ते तनाव के बाद काफी चिंतित नजर आ रहे हैं क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
कुवैत सैन्य और वायु रक्षा प्रणाली की कार्रवाई
कुवैत की सेना ने जानकारी दी है कि उनकी एयर डिफेंस सिस्टम लगातार दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही रोकने का काम कर रही है। देश के रक्षा मंत्रालय ने नागरिकों और वहां काम करने वाले प्रवासियों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों को यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों में जो तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दी थीं, वे दरअसल देश की रक्षा प्रणालियों द्वारा आसमान में किए जा रहे बचाव कार्यों की वजह से थीं। कुवैत सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया है। इस बारे में अधिक जानकारी QNA News की रिपोर्ट में दी गई है।
ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने 2 सितंबर 2026 को अली अल सलेम एयर बेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली है। ईरान की तरफ से कहा गया कि उनका निशाना कुवैत के आम लोग नहीं बल्कि वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने थे। ईरान के सरकारी मीडिया का भी यही कहना है कि वे खाड़ी देशों में अमेरिका की हरकतों का जवाब दे रहे हैं क्योंकि अमेरिकी सेना ने पहले ईरान के ठिकानों पर हमले किए थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने भी पहले ईरान समर्थित ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करने की बात स्वीकार की थी।
अरब लीग का सख्त रुख और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया
बढ़ते हमलों को देखते हुए 4 सितंबर 2026 को अरब लीग ने एक औपचारिक बयान जारी किया। अरब लीग ने इन लगातार हो रहे ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि किसी भी देश की सीमा और उसकी संप्रभुता के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुवैत में रह रहे प्रवासी कामगारों और भारत से ताल्लुक रखने वाले लोगों के लिए यह स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण जरूर है, लेकिन स्थानीय सरकार स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।