Kuwait News: कुवैत में बड़ा एक्शन, Sahel App के जरिए 7,019 expat शिक्षकों को मिला नौकरी छोड़ने का नोटिस.

कुवैत सरकार ने सरकारी स्कूलों में स्टाफ की संख्या को कम करने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। कुवैत शिक्षा मंत्रालय ने अपनी योजना के पहले चरण की शुरुआत करते हुए कुल 7,019 expat शिक्षकों को अनुबंध समाप्त करने यानी Contract Termination Notice का दस्तावेज जारी कर दिया है। ये सभी जरूरी सूचनाएं सरकार द्वारा संचालित Sahel application के जरिए भेजी जा रही हैं, ताकि हर किसी तक समय पर ऑफिशियल जानकारी पहुंच सके। इस पहले चरण के फैसले से कुल 1,551 पुरुष और 5,468 महिलाएं प्रभावित हुई हैं, जिनके सामने अब रोजगार का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
मंत्रालय ने की है भारी कटौती की तैयारी
कुवैत शिक्षा मंत्रालय ने कुल 91,761 शिक्षकों के स्टाफ में से लगभग 33,268 शिक्षकों के सरप्लस यानी अतिरिक्त होने की पहचान की है। वर्तमान समय में वहां के शिक्षण कार्यबल का डेमोग्राफिक ब्रेकडाउन देखें तो इसमें 70.6% कुवैती नागरिक हैं, 10.1% जीसीसी और बीडून हैं, जबकि 19.3% अरब और अन्य देशों के नागरिक शामिल हैं, जिनमें भारतीय शिक्षक भी बड़ी संख्या में हैं। सरकार के इस बड़े फैसले से देश को सालाना सैलरी के रूप में लगभग 42 मिलियन केडी यानी करीब 137 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारी बचत होने की उम्मीद है। साल 2025 के लेबर मार्केट के आंकड़ों के मुताबिक, कुवैत के शिक्षा मंत्रालय के तहत लगभग 33,100 प्रवासी काम कर रहे हैं, जबकि कुवैत में कुल भारतीय कार्यबल की संख्या लगभग 579,000 तक है।
कौन से विषय हुए हैं प्रभावित और क्या है नियम
शिक्षकों को भेजे जा रहे इन टर्मिनेशन नोटिस पर अरबी भाषा में 'إخطار إنهاء عقد' लिखा हुआ है। इन नोटिसों में शिक्षकों के दूसरे अनुबंध के खंड 4-bis का हवाला दिया गया है, जिसके तहत वैधता अवधि के दौरान भी अनुबंध समाप्त किया जा सकता है बशर्ते तय किया गया नोटिस पीरियड पूरा किया जाए। इस छंटनी की प्रक्रिया में मुख्य रूप से शारीरिक शिक्षा यानी फिजिकल एजुकेशन और इस्लामिक शिक्षा के साथ-साथ अरबी, अंग्रेजी, कला, संगीत, गणित और विज्ञान विषय शामिल हैं। शिक्षकों के चयन का मुख्य आधार उनकी नियुक्ति की वरिष्ठता यानी सीनियरिटी को बनाया गया है। सरकार की यह नीति केवल सरकारी स्कूलों पर ही लागू होती है और इसका असर किसी भी प्राइवेट भारतीय या सीबीएसई स्कूलों पर नहीं पड़ेगा।
भारतीय शिक्षकों के लिए जरूरी सलाह और कदम
कुवैत में रह रहे भारतीय शिक्षकों को विशेष रूप से सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय रोजाना अपना Sahel app चेक करते रहें ताकि आधिकारिक नोटिस की सही जानकारी मिल सके। प्रभावित होने वाले स्टाफ के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे अपने सभी अनुबंध यानी कॉन्ट्रैक्ट, नियुक्ति की तारीख, हाल ही के वेतन पर्ची और एंड-ऑफ-सर्विस यानी सेवा समाप्ति के लाभ की गणना की कॉपी अपने पास सुरक्षित तैयार रखें। शिक्षकों को यह भी प्रोत्साहित किया जाता है कि वे नोटिस पीरियड के दौरान अपने हैंडओवर की प्रक्रिया को अच्छी तरह से डॉक्यूमेंट करें। इसके अलावा अपने रेजिडेंस और सिविल आईडी स्पॉन्सरशिप की समयसीमा की जांच करें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर कुवैत स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करें।
धोखाधड़ी से बचने की चेतावनी और वित्तीय प्रबंधन
अधिकारियों ने सभी शिक्षकों को संभावित धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने की कड़ी चेतावनी दी है। शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पासपोर्ट, सिविल आईडी कार्ड या बायोमेट्रिक जानकारी किसी भी तीसरे पक्ष के एजेंट या अनजान व्यक्ति को बिल्कुल भी न सौंपें। इसके अलावा, शिक्षकों को अपने बैंक लोन, गाड़ी के फाइनेंस और मकान के किराए के समझौतों की दोबारा जांच करनी चाहिए ताकि अर्ली सेटलमेंट यानी समय से पहले भुगतान के नियमों को समझा जा सके। शिक्षा मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि सभी कर्मचारियों के रोजगार के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रखे जाएंगे और शिक्षकों को एंड-ऑफ-सर्विस बेनिफिट्स, बची हुई छुट्टियों और अंतिम वेतन भुगतान के लिए लिखित रूप में पूरी गणना प्राप्त करने का पूरा अधिकार है।