Kuwait ने शुरू किया नया मेराइन हैचरी, अब लोकल मछली उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा और घटेगी निर्भरता।

कुवैत में मछली की मांग को पूरा करने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। 31 अगस्त 2026 को कुवैत इंस्टीट्यूट फॉर साइंटिफिक रिसर्च यानी KISR ने आधिकारिक तौर पर देश के पहले आधुनिक मेराइन हैचरी का उद्घाटन किया। यह नया केंद्र सलमिया में बने उनके समुद्री अनुसंधान केंद्र के अंदर शुरू किया गया है। इस नई सुविधा के बनने से देश में मछली पालन और उससे जुड़े रिसर्च के काम को बहुत ज्यादा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
घरेलू मांग और आयात की स्थिति
मौजूदा समय की बात करें तो कुवैत में जितनी मछलियों की कुल मांग होती है, उसका सिर्फ 30% हिस्सा ही स्थानीय स्रोतों से पूरा हो पाता है। बाकी बचा हुआ 70% हिस्सा दूसरे देशों से आयात करके मंगाया जाता है। इसी असंतुलन को दूर करने के लिए इस नए हैचरी को तैयार किया गया है। यह केंद्र स्थानीय स्तर पर ही मछलियों के बच्चे यानी फिंगरलिंग्स पैदा करेगा, जिससे देश की बाहरी देशों पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी।
KISR के महानिदेशक का बयान
KISR के डायरेक्टर-जनरल डॉ. फैसल अल-हुमैदान ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह हैचरी दशकों की संस्थागत रिसर्च और तकनीकी जानकारी का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वैज्ञानिक ज्ञान को अब एक बेहतर उत्पादन और तकनीक ट्रांसफर सिस्टम में बदल दिया गया है। उनके अनुसार, यह नया केंद्र प्राइवेट सेक्टर और अलग-अलग निवेशकों के साथ नई रणनीतिक साझेदारियां बनाने में बहुत मदद करेगा।
अत्याधुनिक तकनीकी प्रणाली और सुविधाएं
इस नए हैचरी में एक बहुत ही एडवांस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें मछली के ब्रूडस्टॉक की देखभाल, अंडे का उत्पादन, लाइव-फीड का उत्पादन, लार्वा की देखरेख, इन्क्यूबेशन, अनुकूलन और फिंगरलिंग्स का उत्पादन शामिल है। इसके अलावा, इस पूरी बुनियादी ढांचे में क्वारंटीन जोन, रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए खास सुविधाएं, और आधुनिक समुद्री पानी के ट्रीटमेंट व रीसाइक्लिंग सिस्टम भी बनाए गए हैं, जो लगातार पानी की गुणवत्ता पर नजर रखते हैं।
उत्पादन ट्रायल और भविष्य की योजनाएं
इस प्रोजेक्ट के लिए तकनीकी तैयारी और संचालन का काम पहले ही शुरू हो चुका है। चुनी हुई समुद्री प्रजातियों को पालने के लिए प्रोटोकॉल तय करने वास्ते उत्पादन के ट्रायल भी शुरू कर दिए गए हैं। इन सभी कोशिशों का मुख्य मकसद उत्पादन तकनीकों को स्थानीय बनाना और घरेलू फिश-फार्मिंग सप्लाई चेन के विकास को मजबूत करना है।