Kuwait News: कुवैत सरकार का बड़ा फैसला, सब्सिडी वाले निर्माण सामग्री के नए नियम पर साफ की स्थिति

कुवैत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि सब्सिडी वाले बिल्डिंग मटेरियल से जुड़ा नया नियम पुराने मामलों पर लागू नहीं होगा। इस संबंध में मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि मंत्री स्तर का नया आदेश पिछली तारीखों से लागू नहीं किया जाएगा। आम लोगों और घर बनाने की सोच रहे लोगों के लिए यह खबर राहत भरी है क्योंकि इससे पुराने मामलों में किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी और सभी पुराने काम पुराने नियमों के आधार पर ही पूरे किए जाएंगे।
क्या है नया नियम और कब से हुआ लागू
कुवैत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि मंत्रिहस्ती प्रस्ताव संख्या 166 (2026) को पिछली तारीखों से यानी रेट्रोएक्टिव तरीके से लागू नहीं किया जाएगा। यह प्रस्ताव पहले से चले आ रहे मंत्रिहस्ती प्रस्ताव संख्या 222 (2024) के नियमों में बदलाव करता है जो निर्माण सामग्री के वितरण और कीमत तय करने का काम देखता है। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि नए नियम केवल उन प्रक्रियाओं पर लागू होंगे जो 17 अगस्त 2026 या उसके बाद की गई हैं। जिन लोगों के मामले या लेनदेन इस तय तारीख से पहले पूरे हो चुके हैं, वे पुराने नियमों के दायरे में ही रहेंगे और उन पर नए नियम का कोई असर नहीं पड़ेगा।
किसे मिलेगा सब्सिडी का फायदा
मंत्रालय ने यह भी बताया है कि इस नियम को पूरी तरह से लागू रखा गया है और इसे रोकने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। साल 2024 में तत्कालीन मंत्री खलीफा अल-अकील द्वारा लाए गए नियमों में बाद में अगस्त 2026 में वर्तमान मंत्री ओसामा बूदाई के कार्यकाल में कुछ कड़े बदलाव किए गए। अब इन सब्सिडी वाली निर्माण सामग्री को पाने के लिए यह जरूरी कर दिया गया है कि लाभार्थी के पास Kuwait Credit Bank से वैध लोन होना चाहिए। यह लोन घर बनाने, मरम्मत करने, विस्तार करने या गिराकर दोबारा बनाने के मकसद से लिया गया होना चाहिए। सामग्री केवल सिविल नंबर के आधार पर एक ही बार दी जाती है।
जरूरी दस्तावेज और बजट की जानकारी
अगर कोई व्यक्ति पुराना मकान गिराकर नया बनाना चाहता है तो उसे डिमोलिशन और नए निर्माण के लिए ऑनलाइन परमिशन दिखानी होगी। इसके अलावा कुवैत क्रेडिट बैंक का एक लेटर भी देना होगा जिसमें लोन की रकम का ब्योरा हो। इस पूरी हाउसिंग वेलफेयर योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए चालू वित्त वर्ष के राजकीय बजट में 139.925 मिलियन केडी की राशि तय की गई है। इस पूरी व्यवस्था की देखरेख मंत्रालय के सप्लाई विभाग द्वारा की जाती है, और सरकार ने सभी संबंधित लोगों से अपील की है कि वे मौजूदा नियमों का पूरी तरह से पालन करें ताकि किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।