Kuwait New Rule: कुवैत सरकार का बड़ा फैसला, 67 साल से ज्यादा उम्र के कर्मचारियों की होगी छुट्टी.

Sushma Kumari7 September 20262 min read25 viewsKuwait
Kuwait New Rule: कुवैत सरकार का बड़ा फैसला, 67 साल से ज्यादा उम्र के कर्मचारियों की होगी छुट्टी.

कुवैत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ सरकारी कामकाज और नौकरियों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। Kuwait Ministry of Social Affairs ने एक नया आधिकारिक निर्देश जारी किया है जिसके तहत देश की सभी सहकारी समितियों यानी कोऑपरेटिव सोसाइटीज और यूनियनों को यह आदेश दिया गया है कि वे उन सभी कर्मचारियों की पहचान करें जिनकी उम्र 67 साल या उससे अधिक हो चुकी है और उनकी सेवाएं समाप्त की जाएं। इस नए कदम से वहां काम करने वाले बुजुर्ग कर्मचारियों पर सीधा असर पड़ेगा और उनकी जगह नए लोगों को मौका मिलेगा।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला

कुवैत सरकार के इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य देश के कामकाजी ढांचे में बदलाव लाना और मानव संसाधन की कार्यक्षमता को और बेहतर करना है। सरकार चाहती है कि दफ्तरों और सहकारी समितियों में काम का तरीका और तेज हो सके। इसके अलावा इस फैसले का एक बड़ा मकसद योग्य युवा कुवैती प्रतिभाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। यह पूरी योजना कुवैत के राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों यानी Kuwait Vision 2035 के बिल्कुल अनुरूप है, जिसके तहत देश को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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कर्मचारियों को मिलेंगे सभी वित्तीय लाभ

इस आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन भी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जाएंगी, उन्हें उनके नियमों के मुताबिक पूरा हक दिया जाएगा। सभी प्रभावित लोगों को उनके वित्तीय और रोजगार से जुड़े सभी बकाये लाभ पूरे दिए जाएंगे ताकि किसी भी कर्मचारी को पैसों को लेकर कोई परेशानी न उठानी पड़े। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि छंटनी की इस प्रक्रिया में श्रम कानूनों का पूरा पालन किया जाए और किसी भी कर्मचारी के अधिकारों का हनन न हो।

30 दिन के भीतर देनी होगी रिपोर्ट

मंत्रालय ने सभी सहकारी समितियों को यह सख्त निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का पूरी तरह से पालन करें। आदेश लागू होने के बाद समितियों को 30 दिन के भीतर ऐसे सभी प्रभावित कर्मचारियों की एक औपचारिक सूची तैयार करके मंत्रालय को सौंपनी होगी। इसके साथ ही इस बात का दस्तावेजी सबूत यानी प्रूफ भी देना होगा कि उन्होंने इस नियम को अपनी संस्था में लागू कर दिया है। तय समय सीमा के भीतर रिपोर्ट नहीं देने वाली संस्थाओं पर प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।

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