Kuwait Oil Price: कुवैत में तेल की कीमत में आया बड़ा उछाल, प्रति बैरल दाम बढ़कर पहुंचा 84.56 डॉलर.

कुवैत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ तेल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन यानी KPC ने आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी है कि 28 अगस्त 2026 को कुवैती क्रूड ऑयल की कीमत में 2.80 अमेरिकी डॉलर की तेजी आई है। इस बढ़ोतरी के बाद अब कुवैत में तेल का नया भाव बढ़कर 84.56 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। आम आदमी और बाजार के जानकारों के लिए यह एक राहत भरी खबर है क्योंकि पिछले ही दिन बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी।
बाजार में पिछले दिन आई थी भारी गिरावट
अगर हम एक दिन पहले यानी 27 अगस्त 2026 की बात करें तो कुवैती कच्चे तेल के दाम में बड़ी गिरावट दर्ज हुई थी। उस दौरान तेल की कीमत में 5.67 अमेरिकी डॉलर की भारी कमी आई थी, जिसके बाद भाव लुढ़ककर 81.76 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था। इससे ठीक पहले के सत्र में तेल का भाव 87.43 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल चल रहा था। बाजार की इस उठापटक ने तेल निर्यात करने वाले देशों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन अगले ही दिन कीमतों में सुधार होने से स्थिति थोड़ी संभल गई।
निर्यात और अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
इस बीच क्षेत्रीय ऊर्जा के मोर्चे पर भी कुछ अहम बदलाव देखने को मिले हैं। 28 अगस्त 2026 की सुबह तक कुवैत और कतर ने स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज यानी Strait of Hormuz के जरिए अपने कच्चे तेल के निर्यात को सफलतापूर्वक बढ़ा लिया है। राहत की बात यह है कि निर्यात का वॉल्यूम अब रिकवर होकर संघर्ष से पहले के स्तर का 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बनी अस्थिरता का असर इन आंकड़ों पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। 27 अगस्त 2026 को ग्लोबल मार्केट में डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल फ्यूचर्स यानी WTI crude oil futures 1.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83.54 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। वहीं ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स यानी Brent crude futures भी 1.76 प्रतिशत उछलकर 88.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था।
किन वजहों से बदल रहे हैं दाम
बाजार के जानकारों का मानना है कि इन तमाम उतार-चढ़ाव के पीछे कई बड़े भू-राजनीतिक और लॉजिस्टिक कारण जिम्मेदार हैं। इनमें मुख्य रूप से ईरान के खिलाफ चल रहा प्रतिबंध, रूस की विभिन्न रिफाइनरियों में प्रोसेसिंग का काम रुकना और अमेरिका के पास डीजल का कम स्टॉक होना शामिल है। इन सभी वजहों से दुनिया भर के बाजारों में असर पड़ रहा है। इस पूरी रिपोर्ट और आधिकारिक आंकड़ों की अधिक जानकारी के लिए आप QNA News की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरी खबर पढ़ सकते हैं।