Kuwait: लगातार दूसरे साल कम हुई बिजली की मांग, गर्मियों में भी ग्रिड पर नहीं आया ज्यादा लोड.

Praggya Singh sabal15 September 20263 min read65 viewsKuwait
Kuwait: लगातार दूसरे साल कम हुई बिजली की मांग, गर्मियों में भी ग्रिड पर नहीं आया ज्यादा लोड.

कुवैत में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के लिए बिजली की खपत को लेकर एक राहत भरी खबर सामने आई है। साल 2026 के दौरान देश में गर्मियों के दिनों में बिजली की चरम मांग यानी पीक डिमांड 17,540 मेगावाट (MW) दर्ज की गई। हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले दो सालों में देश के इलेक्ट्रिकल लोड में 2,078 मेगावाट की नई बढ़ोतरी होने के बावजूद, लगातार दूसरे साल बिजली की कुल खपत में गिरावट देखने को मिली है। यह आंकड़ा आम लोगों और सरकार दोनों के लिए बहुत सुकून देने वाला है क्योंकि इतनी गर्मी और बढ़ती आबादी के बाद भी बिजली का संकट पैदा नहीं हुआ।

बिजली खपत घटने के पीछे क्या रहे कारण

साल 2026 का यह आंकड़ा पिछले साल यानी 2025 में दर्ज की गई 17,610 मेगावाट की मांग से 70 मेगावाट कम है। इसके अलावा, यह साल 2024 में रिकॉर्ड की गई 17,640 मेगावाट की मांग से भी कम है। इस गिरावट के पीछे कई बड़े कदम बताए जा रहे हैं जो सरकार और मंत्रालयों ने मिलकर उठाए हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बीते 15 सितंबर 2026 को बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ. सुबैह अल-मुखैज़ीम ने यह पुष्टि की थी कि देश के नेशनल ग्रिड ने गर्मियों की सभी जरूरतों को बहुत आसानी से संभाल लिया।

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मंत्री ने बताया कि बिजली की खपत कम होने की मुख्य वजह ऊर्जा दक्षता में सुधार, लोगों के बिजली इस्तेमाल करने के तरीके में बदलाव और सरकार की ओर से की गई समय पर प्लानिंग है। मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार ने सरकारी दफ्तरों के काम के घंटों में एक घंटे की कटौती की थी। इसके साथ ही देश भर में चलाए जा रहे 'सेव' (वाफिर) कैंपेन का दायरा भी काफी बढ़ाया गया। आम जनता और उद्योगों को बिजली बचाने के प्रति जागरूक करने का यह असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।

फैक्ट्रियों के लिए बनाए गए कड़े नियम

बिजली बचाने के इस अभियान में उद्योगों की तरफ से भी पूरा सहयोग लिया गया। पब्लिक अथॉरिटी फॉर इंडस्ट्री की तरफ से सभी फैक्ट्रियों के लिए एक सख्त आदेश जारी किया गया था। इस आदेश के तहत फैक्ट्रियों को हर साल 15 मई से 15 सितंबर 2026 के बीच पीक आवर्स यानी दोपहर 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे के दौरान अपने कामकाज को पूरी तरह बंद रखने को कहा गया था। इस नियम का पालन होने से ग्रिड पर पड़ने वाला फालतू का दबाव काफी हद तक कम हो गया और ट्रांसफार्मर या बिजलीघरों पर लोड नहीं आया।

क्षेत्रीय चुनौतियों के बावजूद सेवाएं रही चालू

मंत्री डॉ. सुबैह अल-मुखैज़ीम ने यह भी जानकारी दी कि क्षेत्रीय स्तर पर हुई घटनाओं और कुछ हमलों की वजह से बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था। इसके बावजूद मंत्रालय ने अपनी सेवाएं रुकने नहीं दीं और लगातार काम जारी रखा। तकनीकी टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया ताकि खराब हुई सुविधाओं की मरम्मत करके उन्हें दोबारा चालू किया जा सके। इन कठिन हालातों में भी देश के भीतर बिजली की सप्लाई सुचारू रूप से चलती रही।

मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी डॉ. आदिल अल-ज़मिल ने आगे बताया कि उनका पूरा ध्यान अब संस्थागत बदलाव और टैरिफ की समीक्षा करने पर है। इसके साथ ही गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल की पावर एजेंसी GCC Interconnection Authority से लगातार बिजली की खरीद जारी है। वर्तमान में पावर जनरेशन और पानी को मीठा करने वाले प्लांट्स (डैसिलीनरेशन यूनिट्स) की सालाना मरम्मत का काम भी शुरू हो चुका है। इस बारे में अधिक आधिकारिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट Ministry of Electricity, Water and Renewable Energy पर जा सकते हैं।

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