Kuwait New Law: कुवैत सरकार का बड़ा एक्शन, बैंक खातों में अचानक पैसे बढ़ने वालों की अब खैर नहीं.

Sushma Kumari5 September 20262 min read24 viewsKuwait
Kuwait New Law: कुवैत सरकार का बड़ा एक्शन, बैंक खातों में अचानक पैसे बढ़ने वालों की अब खैर नहीं.

कुवैत सरकार ने उन लोगों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है जिनके बैंक खातों में अचानक और बिना किसी साफ वजह के बहुत ज्यादा पैसा बढ़ गया है। 5 सितंबर 2026 को कुवैत के अधिकारियों ने इस संबंध में एक सख्त जांच अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। इस मामले में फर्स्ट डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और मिनिस्टर ऑफ इंटीरियर शेख फहद अल-यूसुफ ने साफ कर दिया है कि सरकार ऐसे सभी खातों पर कड़ी नजर रख रही है जिनमें संदिग्ध व्यापारिक गतिविधियां हो रही हैं या फिर गलत तरीके से पैसे छुपाने के लिए फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सख्त कानूनों का निर्माण और कानूनी कमियों को दूर करना

मिनस्ट्री ऑफ इंटीरियर ने साफ कहा है कि जिन लोगों के पास भी अचानक से अवास्तविक संपत्ति या पैसा पाया जाएगा, उन्हें समन भेजा जाएगा। इसके बाद उन लोगों को अपने पैसों के आने का असली सोर्स साबित करना होगा। शेख फहद अल-यूसुफ ने जोर देकर कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और इसमें शामिल सभी लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने तब तक इस मामले को बंद नहीं करने का वादा किया है जब तक कि पूरी तरह से जवाबदेही तय नहीं हो जाती। इस पूरी प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए सरकार एक नया और सख्त एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून बना रही है, जिससे पुराने सभी कानूनी loopholes को पूरी तरह से खत्म किया जा सके। इस बारे में अधिक जानकारी कुवैत फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीति

कुवैत में पैसों के अवैध लेनदेन को रोकने के लिए सिर्फ देश के अंदर ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काम किया जा रहा है। इसमें कुवैत फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट और नेशनल कमेटी फॉर कॉम्बैटिंग मनी लॉन्ड्रिंग एंड टेररिज्म फाइनेंसिंग मिलकर काम कर रही हैं। इसके साथ ही देश के बाहर के संगठनों के साथ भी संपर्क साधा जा रहा है जो इलेक्ट्रॉनिक धोखाधड़ी यानी ऑनलाइन ठगी में शामिल हैं। इन सभी प्रयासों से यह साफ होता है कि क्षेत्रीय स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग जैसी आपराधिक गतिविधियों को खत्म करने के लिए देश पूरी तरह तैयार है। इसी कड़ी में कुवैत ने 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच हुई एक खास सुरक्षा रणनीति बैठक में भी हिस्सा लिया था, जिसमें साल 2026 से 2030 के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के लिए एक नए ढांचे पर विचार किया गया।

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