वेस्ट बैंक बना कानूनहीन भूमि, लैटिन पैट्रियार्क पिज़ाबल्ला ने इजरायली बस्तियों की हिंसा पर जताई गहरी चिंता

जेरूसलम के लैटिन पैट्रियार्क Cardinal Pierbattista Pizzaballa ने कब्जा किए गए वेस्ट बैंक को लेकर एक बड़ा और गंभीर बयान दिया है। उन्होंने इटली के रिमिनी शहर में आयोजित 'Meeting for Friendship Among Peoples' फेस्टिवल के दौरान कहा कि वेस्ट बैंक अब पूरी तरह से एक कानूनहीन भूमि बन चुका है। 27 अगस्त 2026 को दिए गए अपने इस भाषण में उन्होंने साफ किया कि इस इलाके में न तो कोई प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था बची है और न ही कानून का डर रह गया है। उन्होंने इसके पीछे मुख्य कारण इजरायली बस्तियों द्वारा लगातार की जा रही हिंसा और आक्रामकता को बताया है।
द्विपक्षीय समाधान और कूटनीति पर जोर
चल रहे संघर्ष को लेकर कार्डिनल पिज़ाबल्ला ने इस बात पर जोर दिया कि केवल दो-राज्य समाधान ही एकमात्र ऐसा रास्ता है जिससे इजरायली और फिलिस्तीनी दोनों नागरिकों को अपनी ही जमीन पर सुरक्षित घर मिलने का अधिकार मिल सकता है। उन्होंने पश्चिमी देशों से अपील की कि वे इस मामले में अपनी कूटनीतिक गतिविधियों को और अधिक तेज करें। उनका मानना था कि हथियारों या सैन्य बल के इस्तेमाल के बिना केवल कूटनीति ही इस पुराने विवाद को सुलझाने का एकमात्र सही जरिया बन सकती है। इसके अलावा उन्होंने गाजा की मानवीय स्थिति का जिक्र करते हुए उसे बेहद तबाह बताया और दुनिया से अपील की कि वे युद्ध की अमानवीय सोच को हावी न होने दें।
वेटिकन की तरफ से भी हुई कड़ी निंदा
इस पूरे मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में वेटिकन के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट Cardinal Pietro Parolin ने भी 26 अगस्त 2026 को एक कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने वेस्ट बैंक में ईसाइयों के खिलाफ इजरायली बस्तियों द्वारा की जा रही हरकतों की कड़ी निंदा की। कार्डिनल पैरोलिन ने इन घटनाओं को पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें धार्मिक स्वतंत्रता और आपसी मेलजोल के सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन हैं, जिसे किसी भी कीमत पर सही नहीं ठहराया जा सकता है।