अमेरिका में दायर हुआ बड़ा मुकदमा, लेबनीज अमेरिकियों ने इजराइल को मिल रही सैन्य मदद के खिलाफ उठाया कदम.

अमेरिका की एक अदालत में लेबनीज मूल के नागरिकों और संगठनों ने मिलकर अमरीकी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस मामले में Michigan की अदालत में एक क्लास-एक्शन मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका द्वारा इजराइल को दी जा रही लगातार सैन्य मदद से नियमों का उल्लंघन हो रहा है। इस कानूनी कार्रवाई के पीछे अरेबियन अमेरिकन सिविल राइट्स लीग यानी ACRL और कई लेबनीज अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। उनका यह कहना है कि इस तरह की मदद से उन विदेशी ताकतों को बढ़ावा मिल रहा है जो मानवाधिकारों का उल्लंघन करने के मामलों में शामिल रही हैं।
लीही कानून और अमेरिकी अधिकारियों पर सवाल
इस मुकदमे में मुख्य रूप से Leahy Law का हवाला दिया गया है, जिसे कांग्रेस द्वारा 1997 में बनाया गया था और बाद में 2007 Foreign Assistance Act में शामिल किया गया था। इस नियम के अनुसार अमेरिकी सेना किसी भी विदेशी सुरक्षा यूनिट को तब तक हथियार, ट्रेनिंग या किसी भी तरह की मदद नहीं दे सकती जब तक उनके द्वारा मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के पुख्ता सबूत सामने न आएं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इजराइल के मामले में इन नियमों की अनदेखी की जा रही है और इनकी तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इस केस में अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio को भी आरोपी बनाया गया है और उन पर लेही कानून को ठीक से लागू न करने का आरोप लगा है। ACRL के प्रमुख और वकील Nabih Ayad ने कहा कि इस कानून का पालन दुनिया भर के देशों के लिए किया जाता है, लेकिन इजराइल के मामले में इसे लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने विदेश मंत्री से अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। इसके अलावा ACRL के चेयरमैन Nasser Beydoun ने कहा कि यह मुकदमा इजराइल को मिलने वाली विशेष छूट यानी इजरायली असाधारणता (Israeli exceptionalism) को चुनौती देता है। उन्होंने दक्षिण लेबनान में अमेरिकी नागरिकों की संपत्ति को हुए नुकसान का भी जिक्र किया है और यह सवाल उठाया है कि क्या अमेरिका में कानून का राज अब भी लागू होता है या नहीं। संस्था की कार्यकारी निदेशक Houda Berri-Harajli ने भी इस स्थिति को नियमों के खिलाफ बताया है।
बड़ी अमेरिकी कंपनियां भी आई कानूनी दायरे में
इस मुकदमे में केवल अमेरिकी सरकार ही नहीं, बल्कि अमेरिका की तीन बड़ी रक्षा और निर्माण से जुड़ी कंपनियों को भी शामिल किया गया है। इन कंपनियों में Lockheed Martin, Boeing और Caterpillar का नाम शामिल है। इन कंपनियों पर आरोप है कि वे ऐसे हालातों में साजो-सामान और उपकरण मुहैया करा रही हैं। इस मामले को लेकर कानूनी चर्चाएं इस साल 3 June 2026 के आसपास शुरू हो गई थीं, जिसके बाद अदालत में औपचारिक शिकायत 11 August से 13 August 2026 के बीच दर्ज कराई गई। अदालत में यह कार्यवाही अभी अपने शुरुआती दौर में ही चल रही है।