लेबनान पर इसराइल का बड़ा हमला, सेना ने की कड़ी निंदा और दक्षिण में बढ़ाई सुरक्षा

लेबनान की सेना ने 9 सितंबर 2026 को इसराइल के खिलाफ एक औपचारिक निंदा प्रस्ताव जारी किया है, जिसमें दक्षिण लेबनान में चल रहे घातक सैन्य अभियानों पर गंभीर चिंता जताई गई है। सेना ने चेतावनी दी है कि ये लगातार हमले मौजूदा कूटनीतिक समझौतों के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं और क्षेत्रीय स्थिरता लाने के सभी प्रयासों को कमजोर कर रहे हैं। इस सैन्य तनाव के बीच इसराइल की तरफ से लगातार भारी हवाई और तोपखाने से हमले किए जा रहे हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ गई हैं।
प्रमुख शहरों और इलाकों पर भारी बमबारी
इसराइली सेना के हमलों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसमें नबाटियेह अल-फावका, कफर तेबनित, दोहा कफर रोउमान, मंसूरी, माजदाल जौौन और काब्रिखा जैसे कई महत्वपूर्ण इलाके सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। लेबनान के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले शुक्रवार से लेकर अब तक कम से कम 29 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें एक ही परिवार के 12 सदस्य भी शामिल हैं। अकेले 9 सितंबर को जेब्दिने में इसराइली ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई थी। मार्च महीने से शुरू हुई इस हिंसा के बाद से अब तक सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 4,300 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
रणनीतिक इलाकों पर कब्जा और सरकारी प्रतिक्रिया
हलात तब और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई जब इसराइली सेना ने अली अल-ताहेर रिज पर कब्जा कर लिया। यह रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण स्थान था जिस पर पहले हिजबुल्लाह का नियंत्रण था। इसराइली रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने इस कार्रवाई को दक्षिण लेबनान में एक सुरक्षा क्षेत्र को मजबूत करने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। इन बढ़ती हुई hostile गतिविधियों के जवाब में लेबनान की सेना ने नबतीह क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को काफी बढ़ा दिया है ताकि इस तनाव को रोका जा सके और वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिया जा सके। सेना ने यह भी साफ किया है कि इस तैनाती का मकसद हिजबुल्लाह को हथियारबंद करना नहीं है।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन, संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी और प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने दक्षिण लेबनान में सेना की स्थिति को मजबूत करने के लिए पूरी तरह से एक एकजुट रुख अपनाया है। राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने संयुक्त राज्य अमेरिका से यह अपील की है कि वह इसराइल पर दबाव बनाए ताकि इन सैन्य अभियानों को तुरंत रोका जा सके। वहीं दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इन सभी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है और इसराइल से अपने सैनिकों को वापस बुलाने और लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही है।