दक्षिणी लेबनान में वापस लौटे लोग, खंडहर बने घरों और पानी की कमी से जूझ रहे परिवार.

Aanya4 September 20263 min read30 viewsWorld
दक्षिणी लेबनान में वापस लौटे लोग, खंडहर बने घरों और पानी की कमी से जूझ रहे परिवार.

लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में हालात बहुत ज्यादा खराब हो चुके हैं, जहां इसराइली सैन्य कार्रवाई के बाद वापस लौटे विस्थापित नागरिकों को गंभीर मानवीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। 4 सितंबर 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, जो लोग अपने गांवों और घरों में वापस लौट रहे हैं, वे देख रहे हैं कि उनके मकान पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो चुके हैं। सर्दियों का मौसम नजदीक आ रहा है और ऐसे समय में इन परिवारों के सामने रहने के लिए सुरक्षित छत और साफ पीने का पानी जुटाना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है।

इसराइली कार्रवाई और गांवों का विनाश

अलजज़ीरा इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, इस इलाके में तोड़फोड़ का सिलसिला लगातार दिन-रात जारी है। इससे पहले 3 सितंबर 2026 को भी क्षेत्र में जोरदार धमाका दर्ज किया गया था। इस बीच, इसराइली रक्षा मंत्री Israel Katz ने 3 August 2026 को यह ऐलान किया था कि इसराइली सेना ने पूरी तरह से 24 गांवों को नष्ट कर दिया है। साथ ही वहां 700 वर्ग किलोमीटर का एक सुरक्षा क्षेत्र बना लिया गया है। मंत्री ने साफ किया कि जब तक युद्ध के उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक इन इलाकों पर नियंत्रण बनाए रखा जाएगा। लेबनान के वैज्ञानिक अनुसंधान परिषद यानी CNRS के आंकड़ों के अनुसार, पूरे दक्षिणी लेबनान में लगभग 85,000 आवासीय इकाइयां या तो क्षतिग्रस्त हुई हैं या पूरी तरह से तबाह हो चुकी हैं।

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विस्थापितों की वापसी और मानवीय मदद की गुहार

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी UNHCR ने 18 August 2026 को जानकारी दी थी कि लगभग 860,000 विस्थापित लोग अपने घरों की तरफ लौट आए हैं। हालांकि, UNHCR के प्रवक्ता Babar Baloch ने इस स्थिति को एक बहुत बड़ा मानवीय संकट बताया और अस्थायी आवासों की सख्त जरूरत पर जोर दिया। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन यानी IOM के 18 August 2026 के आंकड़ों से पता चलता है कि 360,000 लोग अब भी विस्थापित बने हुए हैं, जिनमें से 22,000 लोग सामूहिक आश्रयों में रहने को मजबूर हैं।

हालिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि मार्च 2026 से लेकर अब तक 620,000 महिलाएं और लड़कियां विस्थापित हुई हैं। स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं के पूरी तरह नष्ट होने के कारण करीब 16,000 गर्भवती महिलाओं को भीड़भाड़ वाले आश्रयों में ही बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस पूरी स्थिति पर अधिक जानकारी के लिए आप ReliefWeb की विस्तृत रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय चिंता और पुनर्निर्माण की चुनौती

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा नियुक्तस्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने 22 July 2026 को चेतावनी दी थी कि आम नागरिकों को इस संघर्ष की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है और उन्हें अपने घरों में सुरक्षित लौटने का पूरा अधिकार है। लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam और राष्ट्रपति Joseph Aoun इस समय बुनियादी ढांचे, स्कूलों और खेतों को ठीक करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, देश की सरकार को भारी फंडिंग की कमी का सामना करना पड़ रहा है। Lighthouse Reports और Financial Times की विजुअल जांच में यह बात सामने आई है कि यह नुकसान पूरी तरह से सुनियोजित तरीके से किया गया है, जो मुख्य रूप से अप्रैल के मध्य में इसराइली बलों द्वारा क्षेत्र पर नियंत्रण पाने के बाद हुआ है।

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