Lebanon War Update: लेबनान में इसराइली हमलों से मरने वालों की संख्या हुई 4,362, अस्पतालों और एम्बुलेंस पर भी असर

Aanya6 September 20263 min read26 viewsWorld
Lebanon War Update: लेबनान में इसराइली हमलों से मरने वालों की संख्या हुई 4,362, अस्पतालों और एम्बुलेंस पर भी असर

लेबनान में चल रहे संघर्ष और हमलों के बीच हालात बहुत ज्यादा खराब होते जा रहे हैं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, 2 मार्च 2026 से लेकर अब तक इसराइली हमलों में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 4,362 तक पहुंच गया है। इसके अलावा इन हमलों में कुल 12,378 लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। अगर बात करें अक्टूबर 2023 से चल रहे पूरे संघर्ष की, तो इस दौरान लेबनान में मरने वालों की कुल संख्या 8,920 हो गई है और घायलों का आंकड़ा 30,595 तक पहुंच गया है। इस खतरनाक स्थिति ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है और लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।

अस्पतालों और एम्बुलेंस कर्मियों पर भी हमले

इस संघर्ष के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को भी बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे घायलों की मदद करना और भी मुश्किल हो गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि 2 मार्च के बाद से एम्बुलेंस टीमों पर कुल 179 बार हमले किए जा चुके हैं। इन लगातार हमलों की वजह से अब तक 135 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गंवा दी है, जो लोगों की जान बचाने का काम कर रहे थे। ताजा हमलों की बात करें तो रविवार, 6 सितंबर 2026 को दक्षिण लेबनान में हुए इसराइली हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अरब सलीम इलाके में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि नबातिएह अल-फवका इलाके में भी दो अन्य लोगों की जान चली गई। इन हमलों में कई महिलाएं और तीन मासूम बच्चे भी घायल हुए हैं, जिन्हें अरब सलीम, नबातिएह अल-फवका, नबातिएह शहर और कफर रुम्मन जैसे अलग-अलग इलाकों में जख्मी हालत में देखा गया।

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अस्पताल का पूरी तरह से तबाह होना और संघर्ष विराम का उल्लंघन

हमलों के दौरान दक्षिण लेबनान के नबातिएह अल-फवका में स्थित घंदूर अस्पताल को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया है। इस पर इसराइली सेना का कहना था कि इस अस्पताल का इस्तेमाल हिजबुल्लाह द्वारा एक कमांड सेंटर के रूप में किया जा रहा था, जिसके चलते इसे निशाना बनाया गया। इसराइली सेना ने यह सैन्य कार्रवाई तब शुरू की जब हिजबुल्लाह की तरफ से दक्षिण लेबनान में इसराइली सैनिकों की तरफ दो ड्रोन दागे गए थे। इसराइली सेना ने इस घटना को संघर्ष विराम के नियमों का खुला उल्लंघन करार दिया। अरब सलीम में हमला करने से ठीक पहले इस इलाके के लोगों के लिए खाली करने की चेतावनी भी जारी की गई थी, जो पिछले कई हफ्तों में इस तरह का पहला आदेश था। इस्राइल ने मार्च महीने से ही दक्षिण लेबनान में अपने नियंत्रण वाला एक 'सुरक्षा क्षेत्र' बना रखा है और वह वहां लगातार अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए है।

लेबनानी राष्ट्रपति की अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउण ने इस भारी हिंसा और हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे नागरिक बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं पर एक खतरनाक और बड़ा हमला बताया है। राष्ट्रपति आउण ने इस पूरी तबाही के लिए सीधे तौर पर इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया है और अमेरिका तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत दखल देने की अपील की है ताकि इस हिंसा को रोका जा सके। हैरानी की बात यह है कि जून के महीने में अमरीका की मध्यस्थता से दो शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने और अमेरिका तथा ईरान के बीच समझौता ज्ञापन होने के बावजूद ये हमले लगातार जारी हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी UNHCR की अगस्त महीने की रिपोर्ट के अनुसार, इस चल रहे संघर्ष और हमलों की वजह से लेबनान के भीतर ही करीब 360,000 लोग अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो चुके हैं।

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