लेबनान के स्पीकर नबीह बेरी ने की नई शांति सेना की मांग, अमरीका के फैसले के बाद उठाया बड़ा कदम.

Nura Basta29 August 20262 min read14 viewsWorld
लेबनान के स्पीकर नबीह बेरी ने की नई शांति सेना की मांग, अमरीका के फैसले के बाद उठाया बड़ा कदम.

लेबनान की संसद के स्पीकर नबीह बेरी ने दक्षिण लेबनान में एक नई शांति सेना बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव अमरीका द्वारा संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के कार्यकाल को आगे बढ़ाने से इनकार करने के बाद सामने आया है। इस नई व्यवस्था में यूरोपीय और अमरीकी देशों के समर्थन की बात कही जा रही है ताकि देश में शांति और स्थिरता बनाए रखी जा सके। लेबनान सरकार चाहती है कि अंतरराष्ट्रीय फौज की मौजूदगी से वहां की सेना को देश की संप्रभुता स्थापित करने में मदद मिलती रहे।

संकट की शुरुआत और संयुक्त राष्ट्र का फैसला

यह पूरा विवाद पिछले साल 28 अगस्त 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रस्ताव संख्या 2790 पास किए जाने से शुरू हुआ था। इस प्रस्ताव में लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र की अंतरिम बल यानी UNIFIL के कार्यकाल को आखिरी बार बढ़ाते हुए 31 दिसंबर 2026 तक तय किया गया था। इस तय समझौते के तहत साल 2027 के दौरान इस मिशन को पूरी तरह से समेटने की प्रक्रिया शुरू होनी थी। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन की सरकार ने इस कार्यकाल को और आगे बढ़ाने की औपचारिक अपील की थी, लेकिन अमरीका ने इस मांग को ठुकरा दिया। अमरीका का मानना है कि यथास्थिति बनाए रखने के बजाय सीधे तौर पर लेबनान की अपनी सेना को मजबूत किया जाना चाहिए।

सुरक्षा और कूटनीतिक चुनौतियां

गत 20 अगस्त 2026 को स्पीकर नबीह बेरी ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर यह मिशन समय पर खत्म हो गया तो यह एक बड़ी असफलता होगी और इससे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 को तगड़ा झटका लगेगा। राष्ट्रपति जोसेफ आउन भी लगातार अंतरराष्ट्रीय समर्थन के लिए एक नया कानूनी रास्ता तलाश रहे हैं ताकि देश की रक्षा व्यवस्था कमजोर न पड़े। दूसरी ओर, हिजबुल्लाह ने अली ताहेर रिज से पीछे हटने से साफ मना कर दिया है, जिससे कूटनीतिक बातचीत और क्षेत्रीय स्थिरता के रास्ते में मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इस बीच, इस इलाके में लगातार इजरायली हवाई हमले भी जारी हैं, जिन्हें रोकने और शांति बनाए रखने के लिए फ्रांस, स्पेन और इटली जैसे यूरोपीय देशों ने वैकल्पिक अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी का समर्थन करने में अपनी रुचि दिखाई है।

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