हार्मज जलडमरूमध्य के पास लाइबेरियाई टैंकर पर तीन मिसाइलें से हमला, ओमान के पास मची अफरातफरी.

ओमान के पास समुद्र में एक बड़ा हादसा सामने आया है जहाँ लाइबेरिया के झंडे वाले एक बड़े क्रूड कैरियर जहाज पर अज्ञात मिसाइलों से हमला किया गया। यह घटना ओमान के खासाब शहर से लगभग 17 नॉटिकल मील यानी करीब 31 किलोमीटर पूर्व की ओर घटी। हमले के बाद जहाज में आग लग गई और इसके कई हिस्सों को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
जहाज को हुआ भारी नुकसान और क्रू मेंबर्स की स्थिति
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना 31 अगस्त 2026 को रात करीब 20:00 UTC पर हुई। जिस जहाज पर हमला हुआ उसका नाम Senegal Prosperity है और यह एक बहुत बड़ा क्रूड कैरियर है। हमले की वजह से इस जहाज के पोर्ट साइड, इंजन रूम और बैलास्ट टैंक पर सीधा असर पड़ा। इस भयानक हमले के कारण जहाज का संपर्क भी दुनिया से कुछ समय के लिए टूट गया था। गनीमत यह रही कि इस दौरान जहाज पर मौजूद सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी के भी हताहत होने की कोई खबर सामने नहीं आई है। इसके अलावा समुद्र में किसी भी तरह के तेल रिसाव या पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है।
क्षेत्र में बढ़ रहा है तनाव और सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी
इस इलाके में समुद्री सुरक्षा को लेकर पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ है। समुद्री सुरक्षा से जुड़ी कंपनी Vanguard Tech ने इस जहाज की पहचान की पुष्टि की है। जानकारों का कहना है कि यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे ताजा तनाव का हिस्सा है, जिसकी वजह से इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। इससे पहले भी 29 अगस्त को UKMTO ने खासाब के उत्तर में एक अन्य टैंकर पर हमले का रिकॉर्ड दर्ज किया था। इसके अलावा 31 अगस्त को ही हिंद महासागर में एक अन्य टैंकर और सैन्य बलों के बीच हुई घटना की जांच अभी भी जारी है.
भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी सेना का बयान
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे बड़े राजनीतिक और सैन्य कारण बताए जा रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने हाल ही में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि टैंकर किसी खदान यानी माइन से टकराया था। अमेरिकी सेना ने इस दावे को प्रोपेगेंडा और कमर्शियल शिपिंग को डराने की साजिश बताया है। इससे ठीक पहले 30 अगस्त को अमेरिका ने ईरान के लार्स द्वीप पर हमला किया था जिसमें ईरान की माइन बिछाने की क्षमता को निशाना बनाया गया था और इसमें IRGC के कुछ जवान भी हताहत हुए थे। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में स्थित दो अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए थे। इन सभी घटनाओं को देखते हुए UKMTO ने इस रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि वर्तमान में इस इलाके में सुरक्षा का खतरा बहुत अधिक बना हुआ है और व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है।