सोमालिया तट पर हाईजैक्ड कार्गो जहाज एमवी लतुफ तुर्किए और सोमालियाई सेना ने कराया मुक्त, 14 pirates ढेर.

सोमवार को सोमालिया के तट पर एक बड़ी समुद्री घटना सामने आई जहां तुर्किए और सोमालिया की संयुक्त सुरक्षा बलों ने मिलकर एक बड़े हाईजैक्ड कार्गो जहाज को सुरक्षित छुड़ा लिया। इस पूरी कार्रवाई में कुल 14 समुद्री लुटेरे मारे गए और उनके चार नावों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। यह जहाज कैमरून के झंडे वाला था जिसका नाम MV Latuf है और इसे सोमालिया के पुंटलैंड राज्य के पास 17 August 2026 को अगवा कर लिया गया था। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरे 10 दिन लगे और अंत में सोमालिया के रक्षा मंत्रालय ने 29 August 2026 को इसकी आधिकारिक घोषणा की। सुरक्षा बलों के लगातार दबाव के कारण लुटेरों को जहाज छोड़कर भागना पड़ा और अब यह जहाज तंजानिया के दार-एस्-सलाम की ओर अपनी यात्रा पर निकल चुका है।
जहाज पर सवार थे छह भारतीय नागरिक
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस हाईजैक्ड जहाज पर कुल 10 लोगों का क्रू मेंबर सवार था जिनमें 6 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा जहाज पर एक तुर्किए का नागरिक, एक जॉर्जियाई नागरिक और दो सर्बियाई सुरक्षा गार्ड भी मौजूद थे। तुर्किए की एक कंपनी के स्वामित्व वाला यह जहाज जुलाई के आखिर में टेकिरडाग बंदरगाह से रवाना हुआ था। इस जहाज पर मोगदिशु में स्थित तुर्कसोम सैन्य प्रशिक्षण सुविधा के लिए जरूरी सैन्य उपकरण और संचार गियर लदे हुए थे। नुगल क्षेत्र के एक स्थानीय बुजुर्ग अब्दुल्लाही वारसामे ने भी जहाज और उसके चालक दल के सभी सदस्यों की सुरक्षित रिहाई की पुष्टि कर दी है।
फिरौती और सैन्य हमलों को लेकर उठे विवाद
दूसरी तरफ संघीय सरकार के बयानों से अलग हटकर पुंटलैंड के सुरक्षा मंत्रालय ने 30 August 2026 को एक बयान जारी किया। इस बयान में दावा किया गया कि जहाज की रिहाई किसी सैन्य कार्रवाई से नहीं बल्कि सोमालियाई संघीय सरकार और तुर्किए के अधिकारियों की मदद से फिरौती चुकाने के बाद संभव हुई है। पुंटलैंड के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह से फिरौती देना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे समुद्री लुटेरा विरोधी अभियानों को कमजोर करता है। इसके अलावा पुंटलैंड ने 18 और 20 August 2026 को गरमाल और जिफ्ले तटों के पास कथित तुर्किए के सैन्य हमलों की भी कड़ी निंदा की। उनका आरोप था कि इन हमलों में आम नागरिकों को नुकसान पहुंचा और कई स्थानीय मछुआरों की नावें तबाह हो गईं।
समुद्री अपराधों में आई तेजी
यह पूरी सैन्य कार्रवाई सोमालिया और तुर्किए के बीच हुए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग समझौते के तहत अंजाम दी गई थी। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन यानी IMO के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोमालियाई तटों के पास समुद्री अपराधों में काफी तेजी देखी जा रही है। इस साल अब तक कम से कम 15 ऐसे हमले दर्ज किए जा चुके हैं जो साल 2013 के बाद से सबसे ज्यादा हैं। इस तरह की घटनाएं समुद्र में सफर करने वाले नाविकों और कंपनियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनती जा रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां लगातार इस बात की कोशिश कर रही हैं कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।