नेपाल में भीषण बाढ़ का कहर, रसुवा जिले में 178 भारतीयों समेत 517 विदेशी पर्यटकों से टूटा संपर्क.

नेपाल के भोटेकोशी नदी इलाके में आई भयानक बाढ़ ने तबाही मचा दी है, जिसके चलते नेपाल के रसुवा जिले में बड़ा हादसा होने की खबर सामने आई है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद से कुल 517 विदेशी पर्यटक संपर्कविहीन हो गए हैं, यानी उनका अभी तक कोई अता-पता नहीं चल पाया है। नेपाल पर्यटन बोर्ड की तरफ से यह जानकारी गुरुवार दोपहर 1 बजे तक के आंकड़ों के आधार पर साझा की गई है, जिससे प्रशासन और पर्यटकों के परिवारों में चिंता बढ़ गई है।
कहाे-कहाँ के पर्यटक हैं शामिल और कितनों का टूटा संपर्क
नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस आपदा की चपेट में आने वाले और संपर्क से बाहर होने वाले लोगों में सबसे बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की है। बाढ़ के कारण कुल 178 भारतीय पर्यटक रसुवा जिले में फंसे हैं और उनका संपर्क अधिकारियों या उनके परिजनों से नहीं हो पा रहा है। भारत के अलावा दुनिया के कई अन्य देशों के नागरिक भी इस भयंकर बाढ़ के बीच फंसे हुए हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर लगातार अपडेट ली जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के 65, यूक्रेन के 53, मलेशिया के 51, ब्रिटेन के 33, ऑस्ट्रेलिया के 35 और कनाडा के 25 पर्यटक अभी तक संपर्क में नहीं आए हैं। इसके अलावा सिंगापुर से नेपाल घूमने आए 9 पर्यटक तथा रूस और जर्मनी के 8-8 पर्यटक भी रसुवा से संपर्कविहीन बताए जा रहे हैं। लातविया और दक्षिण अफ्रीका के 6-6, न्यूजीलैंड और जापान के 5-5, फ्रांस के 4 तथा स्पेन के 3 पर्यटक भी इस सूची में शामिल हैं।
अन्य देशों के नागरिक और स्थानीय लोग भी प्रभावित
इस हादसे में यूरोपीय और एशियाई देशों के अन्य नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। बोर्ड के अनुसार, इटली, आयरलैंड, कजाकिस्तान, नीदरलैंड और पुर्तगाल के 2-2 पर्यटक संपर्कविहीन हैं। इसके अलावा बेलारूस, बुल्गारिया, फिनलैंड, हंगरी, इजरायल, लिथुआनिया, फिलीपींस, सर्बिया, स्वीडन और स्विट्जरलैंड के एक-एक पर्यटक का भी कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।
विदेशी पर्यटकों के अलावा स्थानीय स्तर पर भी भारी नुकसान हुआ है। पर्यटन बोर्ड की तरफ से यह भी बताया गया कि बाढ़ के कारण नेपाल के अपने 127 आंतरिक पर्यटक भी संपर्कविहीन हो गए हैं। प्रशासन और राहत दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और संपर्क टूटने वाले लोगों की तलाश तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द सभी की सही सलामत जानकारी मिल सके।