Muscat में नेपाल दूतावास ने दी श्रद्धांजलि, ब्रॉड पीक हिमस्खलन में जान गंवाने वाले 10 पर्वतारोहियों को किया याद.

Sushma Kumari1 September 20262 min read38 viewsOman
Muscat में नेपाल दूतावास ने दी श्रद्धांजलि, ब्रॉड पीक हिमस्खलन में जान गंवाने वाले 10 पर्वतारोहियों को किया याद.

मस्कट स्थित नेपाली दूतावास ने सोमवार, 1 सितंबर 2026 को एक शोकसभा का आयोजन किया। यह कार्यक्रम ब्रॉड पीक हिमस्खलन की दर्दनाक घटना में अपनी जान गंवाने वाले साहसी पर्वतारोहियों को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा गया था। इस श्रद्धांजलि सभा का आयोजन ओमान की राजधानी में स्थित नेपाली राजदूत के आधिकारिक आवास नेपाल हाउस में किया गया, जो शत्ती अल कुरूम क्षेत्र में स्थित है। इस दुखद कार्यक्रम में कई लोगों ने शामिल होकर उन जांबाज पर्वतारोहियों को याद किया जो पहाड़ की चढ़ाई के दौरान इस हादसे का शिकार हुए थे।

कब और कैसे हुआ था यह बड़ा हादसा

यह भयानक हिमस्खलन इसी साल 30 जुलाई 2026 को पाकिस्तान के काराकोरम रेंज में हुआ था। यह घटना लगभग 6,600 मीटर यानी करीब 21,700 फीट की ऊंचाई पर घटी थी। इस अचानक आए हिमस्खलन की चपेट में आने से कुल 10 पर्वतारोही काल के गाल में समा गए थे। इस हादसे ने पूरी दुनिया के पर्वतारोहण जगत को झकझोर कर रख दिया था क्योंकि इसमें कई जाने-माने और अनुभवी पर्वतारोही शामिल थे, जिन्होंने दुनिया की कई ऊंची चोटियों को पहले भी फतह किया था।

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किन-किन लोगों की गई थी जान

इस हादसे में जान गंवाने वालों में दुनिया भर के जाने-माने नाम शामिल थे। इनमें प्रसिद्ध नेपाली-ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (निम्सडाई) भी शामिल थे। उनके अलावा नेपाली गाइडों में पुर बहादुर गुरुंग (युक्ता), निमा शेर्पा, किली पेम्बा शेर्पा (किलु), ग्यालू शेर्पा और नवांग थिंदु शेर्पा के नाम प्रमुख हैं। इस दर्दनाक हादसे में ओमान की पर्वतारोही नधिरा अल हारथी, पाकिस्तान के गाइड सोहिल साखी, चीन के पर्वतारोही वांग झोंग और अमेरिका की पर्वतारोही सारा मैलोरी गीस की भी मौत हो गई थी।

बचाव अभियान और शवों की बरामदगी

हादसे के तुरंत बाद बचाव और खोज अभियान शुरू किया गया था और 1 अगस्त 2026 तक सभी 10 पर्वतारोही मृत घोषित कर दिए गए थे। यह बचाव अभियान बेहद मुश्किल और जटिल था क्योंकि घटनास्थल बहुत ऊंचाई पर और कठिन इलाके में था। लगातार प्रयासों के बाद, 21 अगस्त 2026 तक इनमें से नौ पर्वतारोहियों के शव बरामद कर लिए गए थे। केवल नवांग थिंदु शेर्पा का शव ऐसे स्थान पर रह गया था जहां पहुंचना बहुत ज्यादा जोखिम भरा और कठिन था।

इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिकी पर्वतारोही सारा मैलोरी गीस का शव सबसे आखिर में मिला, जिसे 21 अगस्त को खोज निकाला गया था। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को 25 अगस्त 2026 को हेलीकॉप्टर के जरिए स्कर्दू एयरलिफ्ट किया गया था। इस पूरी शोकसभा और राहत कार्यों से जुड़े विवरण की पुष्टि Muscat Daily द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से की गई है। ओमान और नेपाल के बीच इस आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्राकृतिक आपदाओं के समय पूरा समुदाय दुख की इस घड़ी में एकजुट रहता है।

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