नेपाल में बड़ा हादसा, सुरंग में 10 दिन तक फंसे रहे इंजीनियर संजय साह, महामंत्र के जाप से बचा जीवन

Nura Basta4 September 20262 min read51 viewsWorld
नेपाल में बड़ा हादसा, सुरंग में 10 दिन तक फंसे रहे इंजीनियर संजय साह, महामंत्र के जाप से बचा जीवन

नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ के दौरान एक बड़ी दुर्घटना सामने आई है। यहाँ की त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की एक सुरंग के भीतर 10 दिन तक फंसे रहने के बाद मैकेनिकल इंजीनियर संजय साह को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस भयानक हादसे और लंबी कैद के बाद जब संजय को बाहर लाया गया, तो उन्होंने इसे अपना दूसरा जीवन बताया। मुश्किल हालातों में भी उन्होंने अपना हौसला नहीं खोया और लगातार भगवान का नाम लेते रहे।

हादसे के वक्त सुरंग में थे 40 से 45 लोग

सुरंग से बाहर आने के बाद इंजीनियर संजय साह ने बचाव दल और मीडिया को अंदर के हालात की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त सुरंग के अंदर लगभग 40 से 45 लोग मौजूद थे। सामान्य दिनों में त्रिशूली-3ए परियोजना के कंट्रोल रूम में ऑपरेटर के साथ केवल चार या पांच लोग ही रहते हैं। लेकिन घटना वाले दिन अचानक वहां ज्यादा लोग एकत्र हो गए थे, जिसके कारण स्थिति अधिक गंभीर हो गई।

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दूसरों को बचाने में बीता समय

कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी मुख्य रूप से संजय के पास ही थी। इतनी बड़ी आपदा आने के बाद उनके लिए अकेले सुरंग से बाहर निकलना बिल्कुल भी संभव नहीं था। उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए वहां मौजूद अन्य लोगों को सुरक्षित स्थान की ओर जाने के लिए प्रेरित किया। लोगों को बचाने की इस कोशिश में उनका काफी समय बीत गया और पानी का स्तर बढ़ता चला गया।

लगातार करते रहे हरे कृष्ण महामंत्र का जाप

दस दिनों तक बिना किसी बाहरी संपर्क और रोशनी के सुरंग के भीतर रहना किसी मौत के कुएं में रहने जैसा था। जब संजय से पूछा गया कि इस लंबी और डरावनी अवधि में उनके जीने का सबसे बड़ा सहारा क्या था, तो उन्होंने बताया कि वह लगातार ‘हरे कृष्ण महामंत्र’ का जाप कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए यह मंत्र उनके लिए सबसे बड़ा संबल बना रहा।

अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका

बचाव टीम ने जब संजय से यह पूछा कि उनके अनुमान के मुताबिक सुरंग के भीतर और कितने लोग फंसे हो सकते हैं, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस जगह वह खुद फंसे थे, उसके आसपास करीब तीन-चार लोग और थे। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सुरंग बहुत लंबी है और पावर हाउस की तरफ भी कुछ लोगों के होने की संभावना है। पानी के तेज बहाव के कारण कई लोगों के अंदर ही फंस जाने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और इस सफल रेस्क्यू को धैर्य और उम्मीद की एक बड़ी मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

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