नेपाल में बाढ़ राहत के लिए भारत की मदद का वित्त मंत्री ने किया स्वागत, पुनर्निर्माण पर होगी बड़ी चर्चा

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हाल ही में आए बर्फीले तूफान और भयानक बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। इस संकट की घड़ी में नेपाल के वित्त मंत्री Dr. Swarnim Wagle ने शनिवार, 29 अगस्त 2026 को भारत की तरफ से भेजी गई मदद का औपचारिक रूप से स्वागत किया है। ANI News की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल सरकार मित्र देशों से मिलने वाले इस शुरुआती समर्थन से काफी राहत महसूस कर रही है, लेकिन देश में तबाही का दायरा इतना बड़ा है कि अब लंबी योजना पर विचार करना जरूरी हो गया है।
भयानक आपदा में भारी नुकसान और बचाव कार्य
इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल में भयंकर तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 675 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 2,000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। प्रशासन और बचाव टीमों ने अब तक कुल 4,450 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिनमें 187 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में लोगों की स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। भारत सरकार इस मुश्किल समय में नेपाल की मदद के लिए लगातार आगे आ रही है। बुधवार से लेकर अब तक भारत ने राहत सामग्री की 57.6 टन खेप नेपाल पहुंचाई है। इसके साथ ही, विशेष सुरंग-बचाव (tunnel-rescue) टीमें और 6 फॉरेंसिक एक्सपर्ट यूनिट्स भी तैनात की गई हैं, जो डीएनए जांच और शवों की पहचान करने में स्थानीय प्रशासन की मदद कर रही हैं। इस आपदा की चपेट में कई भारतीय नागरिक भी आए हैं, जिनमें से 88 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 287 लोगों से अभी तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है और भारतीय मूल के 128 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
पुनर्निर्माण के लिए भारी भरकम बजट की जरूरत
नेपाल के वित्त मंत्री ने बताया कि भारतीय प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस आपदा के बाद नेपाल को हरसंभव सहायता देने में काफी उदारता दिखाई है और आगे भी पुनर्निर्माण के लिए मदद का भरोसा दिया है। बाढ़ और हिमस्खलन के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा असर पड़ा है। वित्त मंत्री के अनुमान के मुताबिक, देश में दोबारा निर्माण कार्यों पर कुल $4 billion से $5 billion तक का खर्च आ सकता है, जो कि नेपाल की कुल अर्थव्यवस्था का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा है। इस बड़े वित्तीय संकट से निपटने के लिए नेपाल सरकार अब अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) जैसी बड़ी संस्थाओं के साथ बातचीत कर रही है और देश में लंबे समय तक चलने वाले सुधार कार्यों के लिए एक बड़े स्तर पर फंड जुटाने की तैयारी में जुटी है। इस बारे में अधिक जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।