Nepal Flash Floods: नेपाल में भयानक बाढ़ के बाद ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्री लापता, मची अफरातफरी.

Sushma Kumari26 August 20262 min read59 viewsIndia
Nepal Flash Floods: नेपाल में भयानक बाढ़ के बाद ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्री लापता, मची अफरातफरी.

नेपाल और चीन के बीच स्थित रसुवागढ़ी बॉर्डर इलाके में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को आए अचानक भयानक फ्लैश फ्लड यानी तेज बाढ़ के बाद बड़ा हादसा सामने आया है। इस आपदा के बाद ईशा फाउंडेशन के कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 77 तीर्थयात्री लापता बताए जा रहे हैं। इस दुखद घटना के बाद से तीर्थयात्रियों के परिवारों और संबंधित लोगों में भारी चिंता का माहौल बन गया है, और अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

सम्पर्क टूटने से बढ़ी चिंता

ईशा सेक्रेड वॉक्स की समन्वयक मां गंभीर ने एएनआई को जानकारी दी कि आपदा आने से पहले किसी भी तरह की कोई चेतावनी या संकेत नहीं मिला था। संगठन का इस दल के साथ सुबह 9 बजकर 5 मिनट के बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। अचानक आए इस जलप्रलय ने संचार नेटवर्क को बुरी तरह से ठप कर दिया, जिससे अंदर फंसे लोगों की सही स्थिति का तुरंत पता नहीं चल सका।

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तिब्बत के भूते कोशी नदी से आया सैलाब

अधिकारियों के अनुसार, यह भयानक बाढ़ तिब्बत की भूते कोशी नदी में स्थानीय समयानुसार सुबह 8:30 से 9:15 के बीच उठी थी। इस भारी जलप्रवाह के कारण प्रसिद्ध मितेरी ब्रिज पूरी तरह से ढह गया और त्रिशूली नदी तथा पृथ्वी राजमार्ग के पास बने बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। ईशा फाउंडेशन के स्वामी सुयग्न ने साफ किया कि जिदोंग, तिब्बत के इमीग्रेशन सेंटर पर मौजूद सभी 77 लोग विदेशी नागरिक थे, जो यात्रा में शामिल हुए थे।

नेपाल पर्यटन बोर्ड के आंकड़े

नेपाल पर्यटन बोर्ड से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इस पूरे इलाके में इस समय लगभग 384 यात्री संपर्क से बाहर हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि लापता विदेशी नागरिकों में से 105 भारतीय हैं। इस आपदा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं।

राहत और बचाव कार्य जारी

ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु खुद इस इलाके में मौजूद हैं और राहत तथा बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, फाउंडेशन के कुल 21 तीर्थयात्री समूहों में से 495 लोग सुरक्षित अपने घर लौट चुके हैं, जबकि 743 लोग अभी भी तिब्बत में और 148 लोग नेपाल में सुरक्षित स्थानों पर रुके हुए हैं। इन आंकड़ों में लापता लोग शामिल नहीं हैं।

मौके पर नेपाल आर्मी, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस मिलकर लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या तिब्बती क्षेत्र में आए 4.4 तीव्रता के भूकंप के कारण कोई हिमस्खलन हुआ था, जिसकी वजह से यह अचानक बाढ़ आई। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है।

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