नेपाल में भयानक बाढ़ और तबाही, बिहार के कई भारतीय मजदूर लापता, राहत और बचाव कार्य जारी.

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक तबाही ने भारी कोहराम मचा दिया है। इस आपदा में अब तक कम से कम 1,367 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता हैं जिनकी तलाश के लिए लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास स्थित Syafrubesi शहर इस आपदा में पूरी तरह तबाह हो गया है और नक्शे से मिट गया है। इस इलाके में कई होटल और इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं, जिनमें रेड पांडा, गार्डन होटल, बुद्ध होटल और सनराइज होटल शामिल हैं। इस भयंकर आपदा ने वहां काम करने वाले प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों को भी गहरी चिंता में डाल दिया है।
भारतीय मजदूरों की स्थिति और बचाव कार्य
बिहार के बेतिया जिले से ताल्लुक रखने वाले कई भारतीय मजदूर इस इलाके में काम कर रहे थे। पिछले एक दशक से ये सभी मजदूर Syafrubesi में होटलों के इंटीरियर का काम कर रहे थे। इनमें नयाज मियां, मेहदी हसन और अरमान अंसारी शामिल थे। राहत की बात यह रही कि नयाज मियां और मेहदी हसन इस भयानक हादसे में सुरक्षित बच गए, लेकिन 34 साल के अरमान अंसारी अभी भी लापता हैं। मेहदी हसन त्रिशुली नदी के पास स्थित गणेश होटल में काम कर रहे थे जब यह जलप्रलय आया। भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 5 सितंबर 2026 तक कुल 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, हालांकि 275 भारतीय अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। भारत सरकार ने नेपाल की मदद के लिए लगभग 95 टन राहत सामग्री भेजी है ताकि प्रभावित लोगों की सहायता की जा सके।
व्यापक आर्थिक और मानवीय नुकसान
यह आपदा भारी बारिश और तिब्बत से आए ग्लेशियर फटने के संदेह के कारण आई, जिससे रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में बड़े पैमाने पर बर्बादी हुई। ट्रेकिंग एजेंसी एसोसिएशन ऑफ नेपाल के अध्यक्ष सागर पांडे के अनुसार, इस आपदा में 118 नेपाली गाइड और सपोर्ट वर्कर भी लापता हैं। इसके अलावा 142 होटल और 57 रेस्टोरेंट क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे पर्यटन क्षेत्र को 50 अरब रुपये से अधिक का नुकसान होने की आशंका है। होटल एसोसिएशन नेपाल के लुंबिनी प्रांत के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश श्रेष्ठ ने बताया कि इस घटना के बाद होटलों की बुकिंग रद्द होने का सिलसिला तेजी से बढ़ गया है, जिससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
प्रशासनिक कदम और राहत अभियान
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्ण वागले ने स्थिति से निपटने के लिए 9 सितंबर 2026 को विकास और दातार एजेंसियों के 20 से अधिक मिशन प्रमुखों के साथ बैठक की और रैपिड डिजास्टर नीड्स असेसमेंट पर चर्चा की। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सरकार से सड़क पुनर्निर्माण में तेजी लाने और पुलों की मरम्मत के लिए अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरिंग सहायता लेने का आग्रह किया है। वहीं, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने जोर देकर कहा कि भोटे कोशी-त्रिशुली क्षेत्र में बचाव अभियान तब तक जारी रहना चाहिए जब तक जीवित बचे लोगों के मिलने की थोड़ी भी संभावना बनी हुई है। खाड़ी देशों और अन्य जगहों से अपने परिवारों का पेट पालने के लिए विदेशों और पड़ोसी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के परिवारों के लिए ऐसी घटनाएं दिल दहला देने वाली होती हैं।