Nepal Flood News: नेपाल में भयानक बाढ़ और भूस्खलन से तबाही, मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हुई.

Sushma Kumari31 August 20263 min read39 viewsWorld
Nepal Flood News: नेपाल में भयानक बाढ़ और भूस्खलन से तबाही, मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हुई.

नेपाल में भारी बारिश और ग्लेशियर फटने के कारण आई भयानक बाढ़ और तबाही से हालात बेहद खराब हो गए हैं। बुधवार, 26 अगस्त 2026 को आए 5.2 तीव्रता के ग्लेशियर ढहने से शुरू हुई इस आपदा में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 903 हो गई है। इस बड़ी त्रासदी के बाद देश भर में अफरा-तफरा का माहौल है और लोग अपनों की तलाश में जुटे हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अभी भी 4,247 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए लगातार बड़े पैमाने पर खोज अभियान चलाया जा रहा है।

राहत और बचाव कार्य जारी

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) इस संकट की घड़ी में बचाव कार्यों का नेतृत्व कर रही है। नेपाल सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए 20,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को मैदान में उतारा है। इन सुरक्षाबलों ने अब तक बहादुरी दिखाते हुए 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। NDRRMA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धर्म राज उप्रेती ने बताया कि चीनी अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। चीन की तरफ से भी सीमा पर बाढ़ को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं, जहां 16 लोगों की मौत हुई थी और 546 लोग लापता बताए गए थे। चीनी पक्ष के सहयोग से भोटेकोशी नदी में बढ़ते जलस्तर को लेकर समय रहते जरूरी चेतावनियां मिल सकीं।

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स्कूलों और शिक्षा पर भारी असर

सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल धादिंग जिले के लोग अपने घरों और स्कूलों की सुध लेने पहुंच रहे हैं। श्री बागेश्वरी माध्यमिक विद्यालय जैसे संस्थानों में परिवार कीचड़ से सनी इमारतों से अपना सामान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। बाल अधिकार संस्था सेव द चिल्ड्रेन की रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में कम से कम 69 स्कूल पूरी तरह नष्ट या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे करीब 19,000 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा है। इस मुश्किल समय में कुछ बहादुरी भरी कहानियां भी सामने आई हैं। नुवाकोट के त्रिभुवन त्रिशूल माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेंद्र दवाड़ी ने अपनी सूझबूझ से 900 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नेपाल सरकार ने देश के सभी स्कूलों और विश्वविद्यालयों को 3 दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया और सभी यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय मदद और वैश्विक चिंता

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनार ने जलवायु परिवर्तन के खतरों पर बात करते हुए दुनिया भर के देशों से मिलकर काम करने की अपील की है, क्योंकि नेपाल ऐसे संकटों के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील है। इस आपदा के बाद कई देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। अमेरिका ने 3.6 मिलियन डॉलर, ऑस्ट्रेलिया ने कुल 8 मिलियन डॉलर और मलेशिया ने 1 मिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता प्रदान की है। इसके अलावा, भारत की तरफ से भी जरूरी मेडिकल सहायता भेजी गई है। घरेलू स्तर पर भी सरकार ने राहत राशि जारी की है, जिसमें रसुवा और नुवाकोट के लिए प्रत्येक को 10 मिलियन रुपये, धादिंग के लिए 5 मिलियन रुपये और अन्य 15 प्रभावित नगर पालिकाओं के बीच 60.75 मिलियन रुपये बांटे गए हैं। काठमांडू को जोड़ने वाले क्षतिग्रस्त राजमार्गों को साफ करने का काम तेजी से चल रहा है। इस पूरी स्थिति की आधिकारिक जानकारी नेपाल विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी साझा की गई है। राहत कार्यों में प्लान इंटरनेशनल, यूएन वीमेन, डायरेक्ट रिलीफ, नेपाल रेड क्रॉस और नटान वर्ल्डवाइड डिजास्टर रिलीफ जैसे संगठन लगातार जमीन पर काम कर रहे हैं।

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