नेपाल में बड़ा प्राकृतिक हादसा, तिब्बत सीमा के पास भयानक बाढ़ से <strong>584</strong> लोगों की मौत और <strong>2,400</strong> लापता.

Aanya28 August 20262 min read17 viewsIndia
नेपाल में बड़ा प्राकृतिक हादसा, तिब्बत सीमा के पास भयानक बाढ़ से <strong>584</strong> लोगों की मौत और <strong>2,400</strong> लापता.

नेपाल और तिब्बत सीमा के पास एक बहुत बड़ी प्राकृतिक आपदा आई है, जिससे वहां के लोगों की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई है। 26 अगस्त 2026 को शुरू हुई इस तबाही ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। एक बहुत बड़े ग्लेशियर के टूटने की वजह से अचानक भयानक बाढ़ आ गई, जिसमें बर्फ, कीचड़ और मलबा गांवों और प्रोजेक्ट साइटों पर तेजी से बहने लगा। साल 2015 के भूकंप के बाद नेपाल में यह अब तक की सबसे घातक प्राकृतिक आपदा साबित हुई है। इस भयंकर हादसे में अब तक कुल 584 लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 2,400 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार की जा रही है।

तिब्बत सीमा पर भी भारी नुकसान और लापता विदेशी नागरिक

चीनी सरकारी मीडिया ने इस बात की पुष्टि की है कि सीमा के तिब्बत की तरफ भी पांच और लोगों की मौत हुई है और वहां 558 लोग लापता हैं। इस आपदा की चपेट में आने वाले लोगों में सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से आए सैकड़ों विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। लापता लोगों में कम से कम 290 भारतीय, 100 चीनी नागरिक, 65 अमेरिकी, 51 मलेशियाई, 35 ऑस्ट्रेलियाई, 33 ब्रिटिश नागरिक और 25 कनाडाई नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा नीदरलैंड, पुर्तगाल, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण कोरिया के लोग भी इस हादसे का शिकार हुए हैं। इनमें से कई विदेशी नागरिक तिब्बत में स्थित पवित्र Mount Kailash की यात्रा से वापस लौट रहे थे। नेपाली पुलिस ने 28 अगस्त 2026 तक कड़ी मशक्कत के बाद 389 शवों को बरामद कर लिया था।

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नेपाल सरकार का फैसला और विदेशी सहायता पर रुख

इस बड़ी त्रासदी के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री Balendra Shah और वहां की सरकार ने भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों की तरफ से मिलने वाली अंतरराष्ट्रीय खोज और बचाव की मदद को आधिकारिक तौर पर लेने से मना कर दिया है। सरकार का कहना है कि साल 2015 के भूकंप के दौरान राहत कार्यों में समन्वय को लेकर कुछ परेशानियां आई थीं, इसलिए इस बार सहायता केवल एक वित्तीय 'वन-डोर' तंत्र के माध्यम से ही दी जाए। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी जारी की है कि नदियों की घाटियों में मलबा जमा होने से पानी रुक गया है, जिससे आगे चलकर और भी ज्यादा बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है।

खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों की स्थिति

इस भयानक हादसे की खबर मिलने के बाद खाड़ी देशों खासकर UAE में रहने वाले नेपाली प्रवासियों के बीच काफी दुख और चिंता का माहौल है। वे वहां से मानवीय सहायता और अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर लगातार प्रार्थना कर रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस आपदा में किसी भी सऊदी नागरिक या सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों के हताहत होने की कोई भी खबर सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और राहत दल लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं ताकि जल्द से जल्द स्थिति को संभाला जा सके।

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