नेपाल सरकार का बड़ा फैसला, बाढ़ से तबाह 15 स्थानीय निकायों को तीन महीने के लिए घोषित किया आपदा संकटग्रस्त क्षेत्र.

नेपाल सरकार ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश के पांच जिलों के कुल 15 स्थानीय निकायों को आपदा संकटग्रस्त क्षेत्र घोषित करने का आधिकारिक फैसला किया है। यह अहम निर्णय नेपाल के रसुवा जिले के भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से मची भारी तबाही के बाद लिया गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया था। सरकार की तरफ से राजपत्र में एक सूचना प्रकाशित कर इस बात की जानकारी दी गई है कि नेपाल-चीन सीमा पर स्थित भोटेकोशी-ल्हेन्दे क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण इन इलाकों में बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है।
किन-किन जिलों और निकायों को किया गया शामिल
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जिन पांच जिलों के स्थानीय निकायों को संकटग्रस्त घोषित किया गया है, उनमें रसुवा के 4, नुवाकोट के 4, धादिंग के 4, तनहूं के 2 और गोरखा का 1 निकाय शामिल है। इस तरह कुल 15 निकायों को अगले तीन महीने के लिए इस सूची में रखा गया है। रसुवा जिले में उत्तरगया गांवपालिका, गोसाइंकुंड गांवपालिका, कालिका गांवपालिका और आमाछोदिंगमो गांवपालिका को इसमें शामिल किया गया है। वहीं नुवाकोट जिले से विदुर नगरपालिका, बेलकोटगढ़ी नगरपालिका, किस्पांग गांवपालिका और तारकेश्वर गांवपालिका इसके दायरे में आए हैं। इसके अलावा धादिंग जिले के गल्छी गांवपालिका, सिद्धलेक गांवपालिका, गजुरी गांवपालिका और बेनीघाट रोरांग गांवपालिका, तनहूं के देवघाट गांवपालिका और आबुखैरेनी गांवपालिका तथा गोरखा जिले के गंडकी गांवपालिका को भी आपदा संकटग्रस्त क्षेत्र माना गया है।
राहत और बचाव कार्यों में मिलेगी कानूनी आसानी
प्रशासन का मानना है कि इन इलाकों को संकटग्रस्त क्षेत्र घोषित किए जाने से सरकार को मैदानी स्तर पर राहत, पुनर्स्थापना और पुनर्निर्माण के कामों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने में कानूनी रूप से बहुत आसानी होगी। बाढ़ के कारण स्थानीय लोगों के घर, रास्ते और जरूरी बुनियादी ढांचा पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नेपाल सरकार के इस कदम से प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द मदद पहुंचाने और स्थिति को सामान्य करने के प्रयासों में तेजी आने की पूरी उम्मीद है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की मूल रिपोर्ट देख सकते हैं।