नेपाल बाढ़ में फसे दुर्गापुर के दंपत्ति समेत कई भारतीय, मानसीरोवर यात्रा के दौरान हुआ संपर्क टूट.

Sushma Kumari27 August 20263 min read69 viewsIndia
नेपाल बाढ़ में फसे दुर्गापुर के दंपत्ति समेत कई भारतीय, मानसीरोवर यात्रा के दौरान हुआ संपर्क टूट.

नेपाल में आई अचानक भयानक बाढ़ के कारण मानसरोवर यात्रा पर गए पश्चिम बंगाल के कई नागरिकों के लापता होने की खबर सामने आ रही है, जिससे उनके परिवारों में गहरी चिंता का माहौल बन गया है। इस आपदा की चपेट में आने वाले लोगों में दुर्गापुर के बामुनाड़ा इलाके के रहने वाले एक दंपत्ति भी शामिल हैं, जिनका पिछले कुछ दिनों से अपने घर वालों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों के बार-बार फोन मिलाने के बावजूद उधर से कोई जवाब नहीं मिल रहा है, जिसके बाद से इलाके में बेचैनी बढ़ती जा रही है।

दुर्गापुर और तारकेश्वर के यात्री फंसे

मिली जानकारी के मुताबिक, दुर्गापुर के रहने वाले अरिंदम और मौसमी गंगोपाध्याय एक ट्रैवल एजेंसी के जरिए नेपाल के रास्ते मानसरोवर की यात्रा पर निकले थे। घर वालों ने बताया कि यात्रा पर निकलने के बाद शुरुआती दो दिनों तक तो उनसे फोन पर बातचीत होती रही, लेकिन नेपाल में अचानक आए इस जलप्रलय के बाद से उनका फोन पूरी तरह से बंद आ रहा है। इस बीच, स्थानीय पुलिस हरकत में आई और बुधवार की रात को गंगोपाध्याय परिवार के घर पहुंचकर परिजनों के साथ-साथ पड़ोसियों से भी विस्तृत बातचीत की। पुलिस ने परिवार को भरोसा दिलाया है और यह निर्देश भी दिया है कि यदि किसी भी जरिए से दंपति से संपर्क हो जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दी जाए। पड़ोसी गौतम अधिकारी ने भी मीडिया को बताया कि उनकी आखिरी बार कुछ दिन पहले ही बात हुई थी, लेकिन आपदा के बाद से लगातार संपर्क करने की कोशिशें नाकाम साबित हुई हैं।

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सिर्फ दुर्गापुर ही नहीं, बल्कि तारकेश्वर के रहने वाले स्नेहाशिस दत्त के भी नेपाल में फंसे होने की पुख्ता जानकारी मिल रही है। स्नेहाशिस दत्त कुल 32 लोगों के एक बड़े पर्यटक दल के साथ मानसरोवर यात्रा पर गए थे। यह पूरा दल बीते 21 अगस्त को अपने सफर के लिए रवाना हुआ था और अगले दिन यानी 22 अगस्त को नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंच गया था। इस दल की योजना नेपाल के रास्ते ही चीन की सीमा पार कर मानसरोवर जाने की थी। स्नेहाशिस के परिवार वालों ने बताया कि बुधवार को उनकी फोन पर आखिरी बार बात हुई थी, तब उन्होंने अपनी लोकेशन नेपाल-चीन सीमा के पास बताई थी। लेकिन इसके तुरंत बाद आई भीषण बाढ़ के बाद से उनका भी कोई अता-पता नहीं है। बताया जा रहा है कि इस दल के बाकी 30 सदस्य कोलकाता के रहने वाले हैं, जबकि एक अन्य सदस्य टूर मैनेजर जयंत सान्याल हैं।

नेपाल में बाढ़ का कहर और सरकारी मदद

नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में बुधवार की सुबह अचानक आई बाढ़ के तेज पानी ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल पुलिस की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा के चलते गुरुवार की सुबह तक कुल 162 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, लापता लोगों की कुल संख्या करीब 598 है, जिनमें कम से कम 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इस भयंकर आपदा के बाद पश्चिम बंगाल सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है और नेपाल में फंसे हुए राज्य के नागरिकों तथा उनके परेशान परिजनों की मदद के लिए आधिकारिक तौर पर हेल्पलाइन नंबर 033-2479 3311 और 9147890181 जारी किए गए हैं, ताकि लोगों को जरूरी सहायता पहुंचाई जा सके।

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